अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और वैश्विक हलचल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन से मुलाकात की इच्छा व्यक्त की है। कूटनीतिक गलियारों में इसे अपनी शर्तों पर रिश्ते बहाल करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, चीन ने ताइवान के साथ राजनयिक संबंध बनाए रखने वाले पराग्वे और बेलिज के मंत्रियों पर प्रतिबंध लगाकर अपनी आक्रामक कूटनीति का परिचय दिया है। (Source: BBC Hindi)
संयुक्त राष्ट्र में भारत ने आतंकवाद को मानवता के खिलाफ अपराध घोषित करने की पुरजोर मांग की है। भारत ने दो-टूक शब्दों में कहा कि दुनिया को अब दोहरे मापदंड छोड़कर आतंकवाद के खात्मे के लिए एक ठोस वैश्विक परिभाषा तय करनी होगी। (Source: Punjab Kesari)
अर्थव्यवस्था: विकास की रफ्तार और चुनौतियां
IMF ने भारत की आर्थिक विकास दर को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं, लेकिन कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। दूसरी ओर, म्यूचुअल फंड में 38,306 करोड़ रुपये का निवेश निवेशकों का बाजार के प्रति बढ़ता भरोसा दर्शाता है। (Source: India Today)
आईटी सेक्टर में पीईआरएम प्रमाणन में आई भारी गिरावट कंपनियों के बदलते रणनीतिक निर्णयों की ओर इशारा करती है, जिसका असर कर्मचारियों पर पड़ रहा है। (Source: Times of India)
सीबीआई की बड़ी कार्रवाई और प्रशासनिक फेरबदल
सीबीआई ने बैंक भर्ती परीक्षा में बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया है। आंखों के स्कैन (आइरिस स्कैन) के जरिए 172 ऐसे फर्जी अधिकारियों की पहचान हुई है जो वर्तमान में बैंकों में तैनात थे। यह जांच 6 राज्यों में फैले एक बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करती है। (Source: Dainik Bhaskar)
खेल और मनोरंजन जगत
छत्तीसगढ़ की बैडमिंटन खिलाड़ी आकर्षि कश्यप ने दो सप्ताह में दो अंतरराष्ट्रीय रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। वहीं, 'ब्रेकिंग बैड' फेम अभिनेता आरजे मिट्टे के 34 वर्ष की आयु में निधन से हॉलीवुड और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर है। (Source: ETV Bharat)
मौसम और क्षेत्रीय खबरें
देश के 19 राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। दिल्ली में अक्टूबर में हुई रिकॉर्ड बारिश के कारण वायु गुणवत्ता में सुधार देखा गया है। (Source: TV9 Bharatvarsh) छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा बैठकों में भाग लेंगे। (Source: Lalluram News)
दिनभर की इन तमाम घटनाओं के बीच, यह स्पष्ट है कि विकास और सुरक्षा की चुनौतियों के बीच एक संतुलित नीति ही देश और दुनिया को आगे ले जा सकती है। क्या सरकारें इन जमीनी समस्याओं के समाधान में केवल कागजी बैठकों से आगे बढ़ पाएंगी? यह सवाल आज हर नागरिक के मन में है।




