NTR को PM मोदी ने दी श्रद्धांजलि, कहा – उनके आदर्श आज भी प्रेरणा हैं

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28 मई 2026• अपडेटेड: 15 अग॰

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को तेलुगु सिनेमा के महान अभिनेता और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री नंदमुरी तारक रामाराव (NTR) की 103वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने कहा कि NTR का जीवन, उनके आदर्श और जनता के लिए किया गया काम आज भी लोगों को प्रेरित करता है।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि NTR गरीबों और वंचितों के सम्मान और कल्याण के लिए हमेशा समर्पित रहे। उन्होंने यह भी कहा कि सिनेमा और राजनीति दोनों क्षेत्रों में NTR का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।

कौन थे NTR?

नंदमुरी तारक रामाराव, जिन्हें लोग प्यार से NTR कहते थे, तेलुगु सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में गिने जाते हैं। उनका जन्म 28 मई 1923 को आंध्र प्रदेश के निम्माकुरु गांव में हुआ था।

उन्होंने शुरुआत में सरकारी नौकरी की, लेकिन बाद में अभिनय के लिए नौकरी छोड़ दी। 1949 में फिल्म मना देशम से उन्होंने फिल्मों में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया।

फिल्मों में क्यों थे इतने लोकप्रिय?

NTR खास तौर पर भगवान राम और भगवान कृष्ण जैसे पौराणिक किरदार निभाने के लिए प्रसिद्ध थे। उनकी फिल्में माया बाजार और दाना वीरा सूरा कर्णा आज भी तेलुगु सिनेमा की क्लासिक फिल्मों में गिनी जाती हैं।

लोग उन्हें सिर्फ अभिनेता नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक प्रतीक मानते थे। उनकी लोकप्रियता इतनी ज्यादा थी कि लोग उन्हें असली भगवान जैसा सम्मान देते थे।

राजनीति में कैसे आए?

60 साल की उम्र में NTR ने राजनीति में प्रवेश किया। उन्होंने 1982 में तेलुगु देशम पार्टी (TDP) बनाई। उनका मुख्य मुद्दा था “तेलुगु स्वाभिमान” यानी तेलुगु लोगों का सम्मान और अधिकार।

1983 के चुनाव में उनकी पार्टी ने बड़ी जीत हासिल की और कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया। वे संयुक्त आंध्र प्रदेश के पहले गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री बने।

जनता के लिए क्या काम किए?

NTR ने कई जनकल्याण योजनाएं शुरू कीं। उनमें सबसे प्रसिद्ध थी गरीबों को 2 रुपये किलो चावल देने की योजना। उन्होंने गांवों के विकास और गरीब वर्ग के लिए कई योजनाएं लागू कीं।

उनकी राजनीति आम जनता और गरीबों के मुद्दों पर आधारित मानी जाती थी।

राजनीतिक संघर्ष भी देखा

1984 में इलाज के दौरान उन्हें सत्ता से हटाने की कोशिश हुई, लेकिन जनता के भारी समर्थन के बाद वे फिर मुख्यमंत्री बने। यह घटना भारतीय राजनीति में एक बड़ा उदाहरण मानी जाती है।

हालांकि 1995 में उनके दामाद एन. चंद्रबाबू नायडू ने पार्टी की कमान संभाल ली।

निधन और विरासत

जनवरी 1996 में हार्ट अटैक के कारण NTR का निधन हो गया। लेकिन आज भी आंध्र प्रदेश की राजनीति और तेलुगु सिनेमा में उनका प्रभाव साफ दिखाई देता है।

क्यों आज भी याद किए जाते हैं NTR?

NTR सिर्फ अभिनेता या नेता नहीं थे, बल्कि वे लोगों की भावनाओं से जुड़े हुए थे। उन्होंने सिनेमा के जरिए सांस्कृतिक पहचान बनाई और राजनीति में लोगों को सम्मान और कल्याण का भरोसा दिया।

उनकी सबसे बड़ी ताकत थी जनता से सीधा जुड़ाव। आज भी तेलुगु देशम पार्टी और आंध्र प्रदेश की राजनीति में उनका नाम एक बड़े प्रेरणास्रोत के रूप में लिया जाता है।

PM मोदी और मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू द्वारा दी गई श्रद्धांजलि यह दिखाती है कि NTR की लोकप्रियता और प्रभाव आज भी बरकरार है।

FAQ

1. NTR कौन थे?

NTR यानी नंदमुरी तारक रामाराव तेलुगु फिल्मों के महान अभिनेता और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री थे।

2. NTR ने कौन सी पार्टी बनाई थी?

उन्होंने 1982 में तेलुगु देशम पार्टी (TDP) की स्थापना की थी।

3. NTR किस वजह से प्रसिद्ध थे?

वे फिल्मों में भगवान राम और कृष्ण के किरदार निभाने और गरीबों के लिए योजनाएं चलाने के कारण प्रसिद्ध थे।

4. NTR की सबसे लोकप्रिय योजना कौन सी थी?

गरीबों को 2 रुपये किलो चावल देने की योजना उनकी सबसे प्रसिद्ध योजनाओं में से एक थी।

5. NTR का निधन कब हुआ?

जनवरी 1996 में हार्ट अटैक के कारण उनका निधन हुआ।

Source - INS

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