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अरुणाचल में चीनी घुसपैठ का झूठा वीडियो, मणिपुर की पुरानी झड़प का सच आया सामने🔍 फ़ैक्ट चेकSHS पड़ताल टीम

अरुणाचल में चीनी घुसपैठ का झूठा वीडियो, मणिपुर की पुरानी झड़प का सच आया सामने

❌ वायरल दावा:
अरुणाचल में चीनी घुसपैठ का झूठा वीडियो, मणिपुर की पुरानी झड़प का सच आया सामने
✅ पड़ताल का सच:
📌 मुख्य बातें: • वायरल वीडियो अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ का नहीं, बल्कि मणिपुर का है। • यह घटना 25 अप्रैल 2026 को मणिपुर के हूमी गांव में हुई थी। • वीडियो में असम राइफल्स और स्थानीय ग्रामीणों के बीच झड़प दिखाई गई थी। आज के दौर में सोशल मीडिया पर सनसनी फैलाने के लिए किसी भी पुराने या किसी दूसरी जगह के वीडियो को नया रंग देकर परोस देना एक आम खेल बन चुका है। ऐसा ही कुछ अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना की कथित घुसपैठ वाले दावे के साथ किया गया। इंटरनेट पर धड़ल्ले से एक वीडियो वायरल किया गया, जिसमें सुरक्षा बलों और लोगों के बीच टकराव दिख रहा था। जब इस दावे की तह तक जाकर पड़ताल की गई, तो पूरा सच सामने आ गया। फैक्ट चेक करने वाली संस्था बूम की रिपोर्ट के मुताबिक, यह वीडियो न तो अरुणाचल का है और न ही इसका चीन की किसी हरकत से कोई वास्ता है। यह वीडियो 25 अप्रैल 2026 का है, जब मणिपुर के हूमी गांव में किसी बात को लेकर असम राइफल्स के जवानों और स्थानीय ग्रामीणों के आमने-सामने आने से झड़प हो गई थी। इस तरह की झूठी खबरें और पुराने वीडियो शेयर करके सोशल मीडिया पर सिर्फ डर और भ्रम का माहौल बनाया जाता है। सुरक्षा और संवेदनशीलता जैसे मुद्दों पर इस तरह का खिलवाड़ देश की आंतरिक शांति के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते यह हमारा फर्ज है कि किसी भी वायरल वीडियो या खबर को आगे बढ़ाने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांच लें। अफवाह फैलाने वाले तत्वों से सावधान रहें और प्रशासन या प्रमाणित मीडिया संस्थानों की खबरों पर ही भरोसा करें।
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PIB Fact Check: क्या केंद्र सरकार सभी छात्रों को मुफ्त लैपटॉप और ₹50,000 की छात्रवृत्ति दे रही है?🔍 फ़ैक्ट चेकPIB Fact Check (भारत सरकार)

PIB Fact Check: क्या केंद्र सरकार सभी छात्रों को मुफ्त लैपटॉप और ₹50,000 की छात्रवृत्ति दे रही है?

❌ वायरल दावा:
केंद्र सरकार की नई योजना के तहत सभी छात्रों को मुफ्त लैपटॉप और ₹50,000 मिलेंगे।
✅ पड़ताल का सच:
PIB Fact Check ने स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार द्वारा ऐसी कोई योजना नहीं चलाई जा रही है। यह लिंक फर्जी है और किसी भी अनजान लिंक पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें।
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PIB Fact Check: रेलवे में 50,000 पदों पर सीधी भर्ती का वायरल नियुक्ति पत्र पूरी तरह फर्जी🔍 फ़ैक्ट चेकPIB Fact Check

PIB Fact Check: रेलवे में 50,000 पदों पर सीधी भर्ती का वायरल नियुक्ति पत्र पूरी तरह फर्जी

❌ वायरल दावा:
भारतीय रेलवे बिना परीक्षा के 50,000 पदों पर डायरेक्ट जॉइनिंग दे रहा है।
✅ पड़ताल का सच:
PIB Fact Check के अनुसार रेलवे केवल आधिकारिक वेबसाइट्स (rrbcdg.gov.in) के माध्यम से ही पारदर्शी परीक्षा द्वारा भर्तियां करता है। यह पत्र फ्रॉड है।
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Factly पड़ताल: क्या आधार कार्ड से ₹2 लाख का पर्सनल लोन बिना ब्याज के मिल रहा है?🔍 फ़ैक्ट चेकFactly Verified

Factly पड़ताल: क्या आधार कार्ड से ₹2 लाख का पर्सनल लोन बिना ब्याज के मिल रहा है?

❌ वायरल दावा:
आधार कार्ड पर सरकार दे रही है ₹2 लाख का शून्य ब्याज लोन।
✅ पड़ताल का सच:
Factly पड़ताल में पाया गया कि UIDAI केवल पहचान प्रमाण पत्र जारी करता है, कोई वित्तीय ऋण नहीं देता। यह वीडियो व्यूज बढ़ाने और साइबर फ्रॉड के लिए बनाए गए हैं।
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फिल्म टॉक्सिक के लिए नयनतारा ने मुंडवा लिया सिर? जानिए वायरल तस्वीर का सच🔍 फ़ैक्ट चेकSHS पड़ताल टीम

फिल्म टॉक्सिक के लिए नयनतारा ने मुंडवा लिया सिर? जानिए वायरल तस्वीर का सच

❌ वायरल दावा:
फिल्म टॉक्सिक के लिए नयनतारा ने मुंडवा लिया सिर? जानिए वायरल तस्वीर का सच
✅ पड़ताल का सच:
📌 मुख्य बातें: • सोशल मीडिया पर साउथ की मशहूर अभिनेत्री नयनतारा की मुंडे हुए सिर वाली तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। • वायरल दावों में कहा जा रहा है कि यह लुक उनकी आगामी फिल्म 'टॉक्सिक' के लिए है। • फैक्ट चेक में साफ हो गया है कि ये तस्वीरें असली नहीं बल्कि AI की मदद से बनाई गई हैं। आज के डिजिटल दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल जितना अच्छे कामों के लिए हो रहा है, उससे कहीं ज्यादा इसका दुरुपयोग फर्जी खबरें फैलाने में किया जा रहा है। ताजा मामला अभिनेत्री नयनतारा से जुड़ा है। इंटरनेट पर पिछले कुछ दिनों से उनकी कुछ तस्वीरें धड़ल्ले से शेयर की जा रही हैं, जिनमें उनका सिर मुंडा हुआ दिखाई दे रहा है। इन तस्वीरों के साथ दावा किया जा रहा है कि उन्होंने अपनी अगली फिल्म 'टॉक्सिक' के लिए यह बड़ा बदलाव किया है। जब इस वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए फैक्ट चेक एजेंसी 'बूम' ने पड़ताल की, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो गया। जांच में यह साबित हुआ कि वायरल हो रही दोनों तस्वीरें पूरी तरह से मनगढ़ंत हैं और इन्हें गूगल के AI टूल्स का इस्तेमाल करके एडिट किया गया है। असल जिंदगी में नयनतारा का ऐसा कोई लुक सामने नहीं आया है। यह मामला एक बार फिर यह चेतावनी देता है कि इंटरनेट पर हर चमकती और चौंकाने वाली चीज सच नहीं होती। एआई के इस दौर में डीपफेक और मॉर्फ्ड तस्वीरों के जरिए सनसनी फैलाना बहुत आसान हो गया है। आम यूजर्स के लिए जरूरी है कि वे किसी भी वायरल तस्वीर या दावे को आगे भेजने से पहले उसकी सच्चाई की जांच जरूर करें, वरना वे भी फर्जी प्रोपेगेंडा का हिस्सा बन जाते हैं।
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क्या प्रेग्नेंट हैं करीना कपूर? जिम के बाहर वायरल वीडियो पर फैंस का बड़ा दावा🔍 फ़ैक्ट चेकSHS पड़ताल टीम

क्या प्रेग्नेंट हैं करीना कपूर? जिम के बाहर वायरल वीडियो पर फैंस का बड़ा दावा

❌ वायरल दावा:
क्या प्रेग्नेंट हैं करीना कपूर? जिम के बाहर वायरल वीडियो पर फैंस का बड़ा दावा
✅ पड़ताल का सच:
📌 मुख्य बातें: • मुंबई में जिम के बाहर स्पॉट हुईं बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर खान । • वायरल वीडियो में बॉडीगार्ड द्वारा छाते से टमी छिपाने पर उठे प्रेग्नेंसी के कयास। • सोशल मीडिया पर फैंस दे रहे हैं तीसरे बच्चे को लेकर बधाइयां। बॉलीवुड गलियारों में इन दिनों एक्ट्रेस करीना कपूर खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। हाल ही में जब करीना को मुंबई में जिम के बाहर स्पॉट किया गया, तो उनके लुक और बॉडीगार्ड की एक हरकत ने लोगों का ध्यान खींच लिया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि करीना ब्लैक आउटफिट में हैं और उनके साथ मौजूद सुरक्षाकर्मी छाते से उनके टमी को छिपाने की कोशिश कर रहा है। बस फिर क्या था, इंटरनेट की जनता तुरंत एक्टिव हो गई और कमेंट सेक्शन में कयासों का दौर शुरू हो गया। यूजर्स लगातार यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या करीना तीसरी बार मां बनने वाली हैं? कई फैंस ने तो एडवांस में बधाई देना भी शुरू कर दिया है। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब किसी सेलिब्रिटी के वीडियो पर इस तरह की चर्चाएं शुरू हुई हों। पैपराजी कल्चर और सोशल मीडिया की इस दुनिया में हर छोटी-सी गतिविधि पर फैंस की पैनी नजर रहती है। फिलहाल करीना या उनके पति सैफ अली खान की तरफ से इस वायरल दावे पर कोई अधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। बता दें कि करीना कपूर और सैफ अली खान की शादी 16 अक्टूबर 2012 को हुई थी। फिल्म 'टशन' की शूटिंग के दौरान करीब आए इस कपल के पहले से ही दो बेटे तैमूर अली खान और जहांगीर अली खान (जेह) हैं। वर्क फ्रंट की बात करें तो करीना आखिरी बार साल 2024 में रिलीज हुई फिल्म 'सिंघम अगेन' में नजर आई थीं, जबकि सैफ जल्द ही आगामी फिल्म 'हैवान' में दिखाई देंगे।
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चौधरी चरण सिंह के लिए मुलायम सिंह के हुक्का बनाने वाली तस्वीर निकली एआई की करतूत🔍 फ़ैक्ट चेकSHS पड़ताल टीम

चौधरी चरण सिंह के लिए मुलायम सिंह के हुक्का बनाने वाली तस्वीर निकली एआई की करतूत

❌ वायरल दावा:
चौधरी चरण सिंह के लिए मुलायम सिंह के हुक्का बनाने वाली तस्वीर निकली एआई की करतूत
✅ पड़ताल का सच:
📌 मुख्य बातें: • सोशल मीडिया पर वायरल हुई मुलायम सिंह यादव और चौधरी चरण सिंह की तस्वीर पूरी तरह फर्जी है। • फैक्ट चेक में पुष्टि हुई है कि इस तस्वीर को किसी एआई टूल की मदद से तैयार किया गया है। • इंटरनेट पर बिना सोचे-समझे एआई जनित तस्वीरों को शेयर करने से समाज में गलत जानकारियां फैलती हैं। आज के डिजिटल दौर में टेक्नोलॉजी जितनी तेजी से आगे बढ़ रही है, उससे कहीं ज्यादा तेजी से उसका गलत इस्तेमाल भी शुरू हो गया है। हाल ही में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और दिवंगत समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव की एक तस्वीर इंटरनेट पर आग की तरह फैल रही थी। इस वायरल तस्वीर में यह दिखाने की कोशिश की गई कि मुलायम सिंह यादव देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के लिए हुक्का तैयार कर रहे हैं। राजनैतिक इतिहास और दिग्गजों से जुड़े होने के कारण लोग इस तस्वीर को सच मानकर धड़ल्ले से लाइक और शेयर कर रहे थे। जब इस वायरल तस्वीर की सच्चाई जानने के लिए फैक्ट चेक किया गया, तो चौंकाने वाला सच सामने आया। मीडिया रिपोर्ट्स और फैक्ट चेक एजेंसी बूम की जांच में यह साबित हो गया कि यह तस्वीर किसी पुराने कैमरे से खींची गई या ऐतिहासिक अर्काइव की नहीं है। इसे आधुनिक तकनीक यानी OpenAI के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स का इस्तेमाल करके बिल्कुल फर्जी तरीके से गढ़ा गया है। एआई की मदद से आज के समय में किसी भी दो मशहूर हस्तियों के चेहरों को ऐसी परिस्थितियों में फिट किया जा सकता है जो जमीन पर कभी हुई ही नहीं थीं। यह मामला सिर्फ एक तस्वीर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बड़ी चेतावनी है कि हम किस दौर में जी रहे हैं। राजनीतिक और ऐतिहासिक शख्सियतों से जुड़ी ऐसी मनगढ़ंत और फेक तस्वीरें जनता को भ्रमित करने के लिए हथियार की तरह इस्तेमाल की जाती हैं। आम नागरिक होने के नाते हमारी जिम्मेदारी बनती है कि किसी भी वायरल कंटेंट को फॉरवर्ड करने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांच लें। सोशल मीडिया के इस दौर में फॉरवर्ड करने की जल्दीबाजी से बचना चाहिए, वरना हम अनजाने में ही झूठ को फैलाने का जरिया बन जाते हैं।
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पीएम मोदी के खिलाफ अपशब्द कहती किशोरी का एआई वीडियो निकला फर्जी, बूम की पड़ताल🔍 फ़ैक्ट चेकSHS पड़ताल टीम

पीएम मोदी के खिलाफ अपशब्द कहती किशोरी का एआई वीडियो निकला फर्जी, बूम की पड़ताल

❌ वायरल दावा:
पीएम मोदी के खिलाफ अपशब्द कहती किशोरी का एआई वीडियो निकला फर्जी, बूम की पड़ताल
✅ पड़ताल का सच:
📌 मुख्य बातें: • सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा 15 वर्षीय किशोरी का वीडियो पूरी तरह फर्जी है। • फैक्ट चेक एजेंसी बूम ने पुष्टि की है कि वीडियो में AI टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर छेड़छाड़ की गई है। • एआई डिटेक्शन टूल्स ने भी इस वीडियो को डीपफेक यानी बनावटी करार दिया है। इंटरनेट की इस दुनिया में सच और झूठ के बीच की लकीरें अब बेहद धुंधली होती जा रही हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर शेयर किया जा रहा था, जिसमें एक नाबालिग लड़की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करती दिख रही थी। लोग इसे सच मानकर धड़ल्ले से फॉरवर्ड कर रहे थे। लेकिन जब इस वीडियो की असलियत जानने के लिए बूम (Boom) जैसे प्रतिष्ठित फैक्ट चेक संस्थानों ने गहराई से पड़ताल की, तो एक खतरनाक सच सामने आया। जांच में साफ हुआ कि मूल वीडियो में तकनीक का गलत इस्तेमाल करके आवाज और विजुअल्स को एडिट किया गया था। आधुनिक दौर में डीपफेक और एआई टूल्स का किस हद तक खतरनाक इस्तेमाल हो रहा है, यह मामला उसकी एक और बानगी है। एआई आधारित डिटेक्शन सॉफ्टवेयर ने भी यह साबित कर दिया कि वीडियो में छेड़छाड़ की गई है। इस तरह के मामलों का मकसद सिर्फ राजनीतिक माहौल खराब करना और जनता को भ्रमित करना होता है। आम नागरिक होने के नाते हमारी यह जिम्मेदारी बनती है कि किसी भी भ्रामक या सनसनीखेज वीडियो को आंख मूंदकर सच न मान लें। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले हर फॉरवर्ड मैसेज और वीडियो के पीछे की सच्चाई को परखना बेहद जरूरी हो गया है, ताकि आप किसी डिजिटल प्रोपेगेंडा का मोहरा बनने से बच सकें।
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स्कूल में फैली भूत की अफ़वाह, डर के मारे सभी 608 बच्चे भागे घर🔍 फ़ैक्ट चेकSHS पड़ताल टीम

स्कूल में फैली भूत की अफ़वाह, डर के मारे सभी 608 बच्चे भागे घर

❌ वायरल दावा:
स्कूल में फैली भूत की अफ़वाह, डर के मारे सभी 608 बच्चे भागे घर
✅ पड़ताल का सच:
📌 मुख्य बातें: - महाराष्ट्र के एक स्कूल में भूत की अफ़वाह से मचा हड़कंप। - डर के साये में आकर सभी 608 स्टूडेंट्स स्कूल छोड़कर भागे। - अफ़वाहों के चलते बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल। महाराष्ट्र के एक स्कूल से हैरान करने वाला मामला सामने आया है जहाँ भूत की एक छोटी सी अफ़वाह ने ऐसा तूल पकड़ा कि पूरा स्कूल खाली हो गया। स्कूल में पढ़ने वाले सभी 608 स्टूडेंट्स के परिजन आनन-फानन में स्कूल पहुंचे और अपने बच्चों को सुरक्षित घर ले गए। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि आज के डिजिटल युग में भी अंधविश्वास और बिना सिर-पैर की अफ़वाहें कितनी तेज़ी से समाज की जड़ों में असर करती हैं। जब इस अजीबो-गरीब मामले की तह तक जाने की कोशिश की गई, तो पता चला कि इसके पीछे कोई ठोस वजह नहीं थी, बस बच्चों के बीच उड़ी कुछ डरावनी कहानियों ने बड़ा रूप ले लिया। प्रशासन और स्कूल शिक्षकों के लाख समझाने के बावजूद लोग डर के साये में जीते नजर आए। अफ़वाहों के दम पर स्कूल से बच्चों का इस तरह अचानक भाग जाना इस बात का प्रमाण है कि आज भी वैज्ञानिक सोच और जागरूकता की कितनी कमी है। यह घटना सिर्फ एक स्कूल का किस्सा नहीं है, बल्कि हमारी उस सामाजिक कमजोरी का आईना है जहाँ डर और अफवाहें सच पर भारी पड़ जाती हैं। जब तक समाज में अंधविश्वास के खिलाफ कड़े कदम नहीं उठाए जाएंगे और शिक्षा के साथ तार्किक सोच को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा, तब तक ऐसी घटनाएं बच्चों के भविष्य और मानसिक विकास पर बुरा असर डालती रहेंगी।
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पुणे में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर चप्पल फेंकने का वीडियो क्यों हुआ गलत दावे के साथ वायरल?🔍 फ़ैक्ट चेकSHS पड़ताल टीम

पुणे में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर चप्पल फेंकने का वीडियो क्यों हुआ गलत दावे के साथ वायरल?

❌ वायरल दावा:
पुणे में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर चप्पल फेंकने का वीडियो क्यों हुआ गलत दावे के साथ वायरल?
✅ पड़ताल का सच:
📌 मुख्य बातें: - पुणे में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर चप्पल फेंकने के मामले का सच सामने आया है। - सोशल मीडिया पर इस घटना से जुड़ा एक वीडियो गलत और भ्रामक सांप्रदायिक दावों के साथ तेजी से वायरल किया जा रहा था। - फैक्ट चेक एजेंसी 'बूम' ने अपनी जांच में स्पष्ट कर दिया है कि वायरल दावा पूरी तरह निराधार और झूठा है। महाराष्ट्र के पुणे से छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर चप्पल फेंकने की घटना का एक वीडियो इन दिनों इंटरनेट पर आग की तरह फैल रहा है। इस वीडियो को शेयर करते हुए सोशल मीडिया यूजर्स और कुछ पेजों द्वारा यह दावा किया जा रहा था कि घटना को अंजाम देने वाली महिला एक विशेष समुदाय से ताल्लुक रखती है। इस तरह के दाويों का मकसद साफ तौर पर समाज में तनाव पैदा करना और दो समुदायों के बीच नफरत की आग भड़काना होता है, जो आजकल सोशल मीडिया का एक खतरनाक ट्रेंड बन चुका है। जब इस वायरल वीडियो की जमीनी हकीकत जानने के लिए 'बूम' की टीम ने पड़ताल की, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो गया। जांच में यह सामने आया कि वीडियो में दिख रही महिला का नाम अश्विनी दगड़े है। जिस सांप्रदायिक एंगल से इस पूरे मामले को सोशल मीडिया पर तूल दिया जा रहा था, उसका वास्तविकता से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है। पुलिस और प्रशासनिक मामलों में इस तरह की झूठी अफवाहें जनता को भ्रमित करने और माहौल खराब करने के नापाक इरादे से फैलाई जाती हैं। आज के डिजिटल दौर में किसी भी वीडियो को आधा-अधूरा या बिना संदर्भ के उठाकर उसके साथ कोई भी मनगढ़ंत कहानी जोड़ देना बहुत आसान हो गया है। आम नागरिक होने के नाते हमारी यह जिम्मेदारी बनती है कि हम ऐसी किसी भी पोस्ट को आंख मूंदकर आगे न बढ़ाएं। फैक्ट चेक रिपोर्ट्स यह बार-बार साबित करती हैं कि सोशल मीडिया पर दिखने वाली हर चमकती चीज सच नहीं होती। इसलिए, किसी भी संवेदनशील वीडियो को फॉरवर्ड करने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांच लें, ताकि आप किसी फर्जी एजेंडे का मोहरा बनने से बच सकें।
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झारखंड चुनाव के नाम पर पटना का पुराना वीडियो वायरल, बीजेपी पर उठा सवाल🔍 फ़ैक्ट चेकSHS पड़ताल टीम

झारखंड चुनाव के नाम पर पटना का पुराना वीडियो वायरल, बीजेपी पर उठा सवाल

❌ वायरल दावा:
झारखंड चुनाव के नाम पर पटना का पुराना वीडियो वायरल, बीजेपी पर उठा सवाल
✅ पड़ताल का सच:
📌 मुख्य बातें: • वायरल सच: पटना के लाठीचार्ज का वीडियो झारखंड के नाम पर शेयर हुआ। • तारीख और जगह: वीडियो 22 जुलाई का है और मामला बिहार की राजधानी पटना का है। • फैक्ट चेक: बूम की जांच में यह दावा पूरी तरह फर्जी साबित हुआ है। आजकल सोशल मीडिया का दौर है और राजनीतिक फायदे के लिए किसी भी पुराने या दूसरी जगह के वीडियो को नया रंग देकर परोस देना बहुत आम हो गया है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहाँ बिहार की राजधानी पटना के एक पुराने वीडियो को झारखंड का बताकर सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से शेयर किया जाने लगा। इस वीडियो में पुलिस छात्रों पर लाठीचार्ज करती नजर आ रही है। आरोप लगाया गया कि यह झारखंड के छात्रों पर हुई कार्रवाई है, ताकि जनता के बीच सरकार के खिलाफ माहौल बनाया जा सके। लेकिन जब इस वायरल वीडियो की गहराई से पड़ताल की गई, तो पूरा सच सामने आ गया। जांच में पता चला कि यह घटना झारखंड की है ही नहीं। असल में यह वीडियो 22 जुलाई का है जब पटना में विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन चल रहा था और पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया था। चुनावों या राजनीतिक सरगर्मी के बीच ऐसे पुराने वीडियो का इस्तेमाल जनता को गुमराह करने का सबसे पुराना हथकंडा बन गया है। राजनीतिक दलों और सोशल मीडिया यूजर्स की यह जिम्मेदारी बनती है कि वे किसी भी संवेदनशील वीडियो को शेयर करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें। इस तरह की फर्जी खबरें न सिर्फ आम जनता और छात्रों को भ्रमित करती हैं, बल्कि समाज में नफरत और गलतफहमी भी फैलाती हैं। लोकतंत्र में बहस मुद्दों पर होनी चाहिए, न कि इस तरह के भ्रामक और झूठे प्रोपेगैंडा के सहारे।
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आप को घेरने वाला हरभजन सिंह का वायरल वीडियो पंजाब नहीं राजस्थान का निकला🔍 फ़ैक्ट चेकSHS पड़ताल टीम

आप को घेरने वाला हरभजन सिंह का वायरल वीडियो पंजाब नहीं राजस्थान का निकला

❌ वायरल दावा:
आप को घेरने वाला हरभजन सिंह का वायरल वीडियो पंजाब नहीं राजस्थान का निकला
✅ पड़ताल का सच:
📌 मुख्य बातें: • पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह द्वारा पंजाब के नाम पर शेयर किया गया वीडियो निकला फर्जी। • पड़ताल में सच आया सामने, वीडियो पंजाब का नहीं बल्कि राजस्थान के श्रीगंगानगर का है। • श्रीगंगानगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 2 युवकों को हिरासत में लिया। राजनीतिक माहौल गरमाने और विरोधी दल को नीचा दिखाने की होड़ में फर्जी दावों का सहारा लेना अब आम बात हो गई है। हाल ही में आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता या विरोधी खेमे से जुड़े नेताओं द्वारा पंजाब की छवि खराब करने की कोशिश का एक नया मामला सामने आया। पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने नशे की हालत में घूम रहे कुछ युवकों का एक वीडियो शेयर करते हुए पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर सीधा हमला बोला था। सोशल मीडिया पर देखते ही देखते यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया और राज्य में नशे की समस्या को लेकर बहस छिड़ गई। लेकिन जब इस वीडियो की गहन फैक्ट-चेक पड़ताल की गई, तो सारा सच बेनकाब हो गया। जांच में पाया गया कि वायरल वीडियो पंजाब का है ही नहीं, बल्कि राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर का है। घटना की जानकारी मिलते ही श्रीगंगानगर पुलिस तुरंत हरकत में आई और वीडियो में दिख रहे 2 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह मामला राजस्थान के अधिकार क्षेत्र का है और इस पर कानूनी कार्रवाई जारी है। यह पूरा घटनाक्रम जनप्रतिनिधियों की गैर-जिम्मेदाराना सोशल मीडिया बयानबाजी की पोल खोलता है। केवल राजनीतिक लाभ पाने के लिए बिना किसी पुलिस सत्यापन के ऐसे भ्रामक वीडियो शेयर करना न केवल जनता को गुमराह करता है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। आम नागरिकों को भी चाहिए कि डिजिटल दुनिया में किसी भी वायरल दावे पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और जिम्मेदार नागरिक की तरह तथ्य जांचने के बाद ही प्रतिक्रिया दें।
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पीएम मोदी, खरगे और प्रियंका गांधी के पुराने वीडियो को लेकर मीडिया में चला गलत दावा🔍 फ़ैक्ट चेकSHS पड़ताल टीम

पीएम मोदी, खरगे और प्रियंका गांधी के पुराने वीडियो को लेकर मीडिया में चला गलत दावा

❌ वायरल दावा:
पीएम मोदी, खरगे और प्रियंका गांधी के पुराने वीडियो को लेकर मीडिया में चला गलत दावा
✅ पड़ताल का सच:
📌 मुख्य बातें: • वायरल वीडियो के संबंध में मीडिया और सोशल मीडिया पर गलत जानकारी चलाई गई। • बूम की जांच में स्पष्ट हुआ कि वीडियो 2026 का नहीं बल्कि 2025 का है। • यह वीडियो शिवराज सिंह चौहान के बेटों के रिसेप्शन का है, जिसे सुप्रिया सुले की बेटी के रिसेप्शन का बताया गया। आज के दौर में सोशल मीडिया पर किसी भी खबर या वीडियो को सच मान लेना कितना खतरनाक साबित हो सकता है, इसकी एक बानगी हाल ही में सामने आई है। इंटरनेट पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी एक साथ नजर आ रहे हैं। इस वीडियो को लेकर कई जगह यह दावा किया गया कि यह क्लिप 10 अगस्त 2026 को एनसीपी नेता सुप्रिया सुले की बेटी के वेडिंग रिसेप्शन समारोह की है। जब इस वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए फैक्ट चेक किया गया, तो पूरी हकीकत सामने आ गई। स्वतंत्र फैक्ट चेक प्लेटफॉर्म बूम ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह वायरल वीडियो हाल फिलहाल का नहीं है। असल में यह वीडियो 2025 में आयोजित केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटों की रिसेप्शन पार्टी का है। इस पुराने और वास्तविक संदर्भ से कटे हुए वीडियो को नए राजनीतिक दावों और तारीखों के साथ सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से शेयर किया जा रहा था। यह मामला एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि कैसे बिना किसी पुष्टि के पुरानी फुटेज को नए événements से जोड़कर परोसा जाता है। जिम्मेदार मीडिया संस्थानों और आम नागरिकों दोनों के लिए यह जरूरी है कि वे किसी भी वायरल सामग्री को आगे बढ़ाने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें। इंटरनेट की इस दुनिया में सच और झूठ का फर्क समझना अब बेहद जरूरी हो गया है, ताकि जनता के बीच किसी भी तरह का भ्रम न फैले।
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मेटा ने इंडियन यूथ कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और अन्य नेताओं के पोस्ट्स पर भी प्रतिबंध लगाया🔍 फ़ैक्ट चेकAlt News Hindi

मेटा ने इंडियन यूथ कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और अन्य नेताओं के पोस्ट्स पर भी प्रतिबंध लगाया

❌ वायरल दावा:
मेटा ने इंडियन यूथ कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और अन्य नेताओं के पोस्ट्स पर भी प्रतिबंध लगाया
✅ पड़ताल का सच:
पिछले कुछ दिनों में भारत में कई सोशल मीडिया पोस्ट और अकाउंट्स को जियोब्लॉक कर दिया गया है. इसमें इंस्टाग्राम पर यूज़र्स के पोस्ट को कानूनी ज़रूरत का हवाला देकर हटा दिया जाता है या इन पोस्ट्स को भारत में देखने पर पाबंदी लगा दी जाती है. कई विपक्षी संगठनों और नेताओं के पोस्ट पर
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ग्वालियर में मोबाइल चोर को पकड़ती बहनों का वीडियो, सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश नाकाम🔍 फ़ैक्ट चेकSHS पड़ताल टीम

ग्वालियर में मोबाइल चोर को पकड़ती बहनों का वीडियो, सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश नाकाम

❌ वायरल दावा:
ग्वालियर में मोबाइल चोर को पकड़ती बहनों का वीडियो, सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश नाकाम
✅ पड़ताल का सच:
📌 मुख्य बातें: - ग्वालियर में मोबाइल चोर को पकड़ती बहनों का वीडियो वायरल हुआ। - सोशल मीडिया पर आरोपी को मुस्लिम बताकर सांप्रदायिक दावे किए गए। - पुलिस ने पुष्टि की कि आरोपी का नाम मनप्रीत सिंह है, दावा पूरी तरह फर्जी है। ग्वालियर का एक वीडियो इन दिनों इंटरनेट पर आग की तरह फैल रहा है। वीडियो में दो निडर बहनें एक मोबाइल चोर को रंगे हाथों पकड़ती और उसे सबक सिखाती नजर आ रही हैं। इस वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया के कुछ धड़ों ने इसे सांप्रदायिक रंग देना शुरू कर दिया। बिना किसी सबूत के यह प्रचारित किया गया कि आरोपी एक मुस्लिम युवक है। इस तरह के दावों का मकसद समाज में नफरत फैलाना और दो समुदायों के बीच खाई पैदा करना होता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जब बूम ने ग्वालियर पुलिस से संपर्क किया, तो सच्चाई सामने आ गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि आरोपी की पहचान मनप्रीत सिंह के रूप में हुई है। यह घटना पूरी तरह से एक आपराधिक मामला है, जिसे जानबूझकर गलत नैरेटिव के साथ पेश किया गया। डिजिटल युग में इस तरह की भ्रामक जानकारी का असर आम नागरिक पर पड़ता है, जो अक्सर बिना सोचे-समझे ऐसी पोस्ट को शेयर कर देते हैं। यह पहली बार नहीं है जब किसी सामान्य अपराध को धर्म के चश्मे से देखा गया हो। ऐसी हरकतें न केवल जांच एजेंसियों का समय बर्बाद करती हैं, बल्कि समाज के ताने-बाने को भी कमजोर करती हैं। एक जागरूक नागरिक के तौर पर हमारी जिम्मेदारी है कि हम ऐसी भ्रामक पोस्ट को आगे न बढ़ाएं और पुलिस या विश्वसनीय मीडिया संस्थानों की पुष्टि का इंतजार करें। कानून अपना काम कर रहा है, लेकिन अफवाहों पर लगाम लगाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
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स्वतंत्रता दिवस पर बीजेपी नेताओं का झंडा फहराने वाला वीडियो निकला पुराना और फर्जी🔍 फ़ैक्ट चेकSHS पड़ताल टीम

स्वतंत्रता दिवस पर बीजेपी नेताओं का झंडा फहराने वाला वीडियो निकला पुराना और फर्जी

❌ वायरल दावा:
स्वतंत्रता दिवस पर बीजेपी नेताओं का झंडा फहराने वाला वीडियो निकला पुराना और फर्जी
✅ पड़ताल का सच:
📌 मुख्य बातें: - वायरल वीडियो 15 अगस्त 2024 या हालिया स्वतंत्रता दिवस के नहीं हैं। - वीडियो में दिख रहे दृश्य पुराने और अलग-अलग कार्यक्रमों के हैं। - भ्रामक दावों के जरिए सोशल मीडिया पर गलत नैरेटिव सेट किया जा रहा है। स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर देश की गरिमा और तिरंगे का सम्मान सर्वोपरि होता है। लेकिन सोशल मीडिया के दौर में लोग अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए पुराने वीडियो को हालिया बताकर वायरल करने से बाज नहीं आ रहे हैं। हाल ही में बीजेपी नेताओं के झंडा फहराने का जो वीडियो वायरल हुआ, उसमें दावा किया गया कि यह 15 अगस्त का है। जब इसकी गहराई से जांच की गई, तो पता चला कि यह वीडियो न तो इस साल का है और न ही स्वतंत्रता दिवस का। यह केवल पुरानी क्लिप्स को जोड़कर बनाया गया एक प्रोपेगेंडा है। इस तरह की हरकतें न केवल राजनीतिक शुचिता को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि आम जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करती हैं। जब कोई भी व्यक्ति या समूह किसी राष्ट्रीय पर्व का इस्तेमाल अपने एजेंडे के लिए करता है, तो वह सीधे तौर पर लोकतंत्र की मर्यादा को तार-तार करता है। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि नागरिक किसी भी वीडियो को फॉरवर्ड करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें। सूचनाओं का यह दौर जिम्मेदारी मांगता है, न कि बिना सोचे-समझे फैलाया गया शोर।
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सूरत हत्याकांड: सतीश मराठा की हत्या में सांप्रदायिक एंगल का सच क्या है?🔍 फ़ैक्ट चेकSHS पड़ताल टीम

सूरत हत्याकांड: सतीश मराठा की हत्या में सांप्रदायिक एंगल का सच क्या है?

❌ वायरल दावा:
सूरत हत्याकांड: सतीश मराठा की हत्या में सांप्रदायिक एंगल का सच क्या है?
✅ पड़ताल का सच:
📌 मुख्य बातें: • सूरत में सतीश मराठा की हत्या को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाया गया सांप्रदायिक झूठ। • पुलिस ने पुष्टि की कि सभी आरोपी एक ही समुदाय से हैं, कोई धार्मिक एंगल नहीं है। • अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी जारी की गई है। सूरत में हुई सतीश मराठा की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर एक एजेंडा चलाने की कोशिश की गई। कुछ लोगों ने इसे दो समुदायों के बीच का विवाद बताकर वायरल करना शुरू कर दिया। लेकिन जब पुलिस ने इस मामले की तहकीकात की, तो पूरी कहानी ही बदल गई। पुलिस के मुताबिक, इस हत्याकांड में शामिल सभी आरोपी, जिनमें 3 नाबालिग भी शामिल हैं, एक ही समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। यह घटना पूरी तरह से आपसी रंजिश और पुरानी दुश्मनी का परिणाम है, जिसे बेवजह सांप्रदायिक चश्मा पहनाकर पेश किया गया। आजकल डिजिटल दौर में किसी भी घटना को बिना जांचे-परखे वायरल करना एक फैशन बन गया है। लोग सच जानने से पहले ही उसे नफरत फैलाने का जरिया बना लेते हैं। सूरत पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने उन सभी अफवाहों पर विराम लगा दिया है जो समाज में तनाव पैदा करने की कोशिश कर रही थीं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाकर माहौल खराब करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। एक जागरूक नागरिक के तौर पर हमारी जिम्मेदारी है कि हम ऐसी खबरों की सच्चाई जानें और अफवाहों को फैलने से रोकें।
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राजीव गांधी का सूटकेस पकड़े शख्स को कांग्रेस अध्यक्ष खरगे बताकर किसने शेयर किया?🔍 फ़ैक्ट चेकSHS पड़ताल टीम

राजीव गांधी का सूटकेस पकड़े शख्स को कांग्रेस अध्यक्ष खरगे बताकर किसने शेयर किया?

❌ वायरल दावा:
राजीव गांधी का सूटकेस पकड़े शख्स को कांग्रेस अध्यक्ष खरगे बताकर किसने शेयर किया?
✅ पड़ताल का सच:
📌 मुख्य बातें: • सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर में राजीव गांधी का सूटकेस पकड़े दिख रहे शख्स को मल्लिकार्जुन खरगे बताया जा रहा था। • बूम की पड़ताल में यह दावा पूरी तरह फर्जी निकला, तस्वीर में नजर आ रहे व्यक्ति सिद्धार्थ रेड्डी हैं। • सिद्धार्थ रेड्डी पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के करीबी दोस्तों में शामिल थे। सोशल मीडिया का दौर है और यहां हर रोज इतिहास से लेकर वर्तमान तक की तस्वीरों को गलत संदर्भ में पेश करने का खेल धड़ल्ले से चलता है। ताजा मामला एक पुरानी वायरल तस्वीर से जुड़ा है, जिसमें देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और राहुल गांधी के साथ एक शख्स सूटकेस पकड़े नजर आ रहा है। इस तस्वीर को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा करना शुरू कर दिया कि सूटकेस उठाने वाले यह व्यक्ति वर्तमान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे हैं। राजनीति गलियारों में और सोशल मीडिया पर इस दावे को खूब हवा दी गई ताकि सियासी तीर चलाए जा सकें। लेकिन जब इस वायरल तस्वीर की तह तक जाकर पड़ताल की गई, तो सच कुछ और ही निकला। मीडिया रिपोर्ट्स और फैक्ट चेक के मुताबिक, तस्वीर में राजीव गांधी के साथ दिख रहे वह व्यक्ति मल्लिकार्जुन खरगे बिल्कुल नहीं हैं। असल में यह शख्स सिद्धार्थ रेड्डी हैं, जो उस समय राजीव गांधी के करीबी दोस्तों और सहयोगियों में गिने जाते थे। यानी विरोधियों और सोशल मीडिया ट्रोल्स ने बिना किसी पड़ताल के सिर्फ राजनीतिक फायदे या मजे लेने के लिए एक झूठी कहानी गढ़ दी और पुरानी तस्वीर को गलत नाम के साथ परोस दिया। आज के समय में यह बहुत जरूरी हो गया है कि किसी भी वायरल पोस्ट, तस्वीर या वीडियो को आंख मूंदकर सच न मान लिया जाए। सोशल मीडिया के इस प्लेटफॉर्म पर अफवाहें बहुत तेजी से फैलती हैं और इनका मकसद अक्सर लोगों को भ्रमित करना होता है। एक जागरूक नागरिक होने के नाते हमारी जिम्मेदारी है कि हम किसी भी जानकारी को आगे बढ़ाने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांच लें, वरना हम भी अनजाने में फर्जी प्रोपेगैंडा का हिस्सा बन जाते हैं।
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पीएम मोदी के वीडियो पर राष्ट्रगान का विवाद: क्या सच में हुआ अपमान या ये है साजिश?🔍 फ़ैक्ट चेकSHS पड़ताल टीम

पीएम मोदी के वीडियो पर राष्ट्रगान का विवाद: क्या सच में हुआ अपमान या ये है साजिश?

❌ वायरल दावा:
पीएम मोदी के वीडियो पर राष्ट्रगान का विवाद: क्या सच में हुआ अपमान या ये है साजिश?
✅ पड़ताल का सच:
📌 मुख्य बातें: - वायरल वीडियो में राष्ट्रगान का अपमान करने का दावा पूरी तरह से फर्जी है। - 20 जून 2025 को सीवान में हुए कार्यक्रम के असली फुटेज में राष्ट्रगान नहीं था। - एडिटिंग के जरिए आवाज जोड़कर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की गई है। सोशल मीडिया के दौर में सच और झूठ के बीच की लकीर बहुत धुंधली हो गई है। हाल ही में पीएम मोदी का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि वे राष्ट्रगान के दौरान खड़े नहीं हुए या उसका सम्मान नहीं किया। जब इस वीडियो की गहराई से पड़ताल की गई, तो पता चला कि यह 20 जून 2025 को बिहार के सीवान में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम का हिस्सा था। असली फुटेज में वहां राष्ट्रगान बज ही नहीं रहा था। किसी ने बड़ी चालाकी से वीडियो में राष्ट्रगान की ऑडियो फाइल जोड़ दी ताकि लोगों की भावनाओं को भड़काया जा सके। यह पहली बार नहीं है जब किसी नेता या सार्वजनिक हस्ती को बदनाम करने के लिए 'एडिटिंग' का सहारा लिया गया हो। डिजिटल युग में डीपफेक और एडिटेड वीडियो का इस्तेमाल राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए एक हथियार की तरह किया जा रहा है। आम नागरिक के तौर पर हमें यह समझना होगा कि इंटरनेट पर दिखने वाली हर चीज सच नहीं होती। ऐसी भ्रामक सामग्री न केवल समाज में नफरत फैलाती है, बल्कि लोकतंत्र के लिए भी खतरनाक है। किसी भी वीडियो को शेयर करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना अब हमारी जिम्मेदारी है, ताकि हम प्रोपेगेंडा का हिस्सा न बनें।
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Fact Check: AI निर्मित तस्वीर को पीएम मोदी का दिल्ली यूनिवर्सिटी का आई कार्ड बताकर किया जा रहा वायरल🔍 फ़ैक्ट चेकVishvas News

Fact Check: AI निर्मित तस्वीर को पीएम मोदी का दिल्ली यूनिवर्सिटी का आई कार्ड बताकर किया जा रहा वायरल

❌ वायरल दावा:
AI निर्मित तस्वीर को पीएम मोदी का दिल्ली यूनिवर्सिटी का आई कार्ड बताकर किया जा रहा वायरल
✅ पड़ताल का सच:
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्नातक की डिग्री से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग को लेकर दायर याचिकाओं पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई चल रही है। इस बीच पीएम मोदी की शिक्षा से जोड़कर सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है। इस पर The post Fact Check: AI निर्मित तस्वीर
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पंजाब के स्कूलों पर बीजेपी का वार, पुराना वीडियो शेयर कर खुद ही फंसी🔍 फ़ैक्ट चेकSHS पड़ताल टीम

पंजाब के स्कूलों पर बीजेपी का वार, पुराना वीडियो शेयर कर खुद ही फंसी

❌ वायरल दावा:
पंजाब के स्कूलों पर बीजेपी का वार, पुराना वीडियो शेयर कर खुद ही फंसी
✅ पड़ताल का सच:
📌 मुख्य बातें: - पंजाब बीजेपी ने स्कूलों की बदहाली का एक वीडियो शेयर किया। - वीडियो 2018 का निकला, जब राज्य में कांग्रेस की सरकार थी। - फैक्ट चेक में दावा पूरी तरह से भ्रामक साबित हुआ। पंजाब की राजनीति में इन दिनों शिक्षा के मुद्दे पर घमासान मचा है। इसी बीच पंजाब बीजेपी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से एक वीडियो पोस्ट किया। इसमें स्कूलों की जर्जर हालत दिखाई गई थी और दावा किया गया कि यह आम आदमी पार्टी के शासन की सच्चाई है। लेकिन जब इस वीडियो की पड़ताल की गई, तो सच कुछ और ही निकला। यह वीडियो 2018 का है, जब पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार थी। राजनीतिक दल अक्सर एक-दूसरे को घेरने के लिए पुरानी तस्वीरों और वीडियो का सहारा लेते हैं। इस मामले में भी वही हुआ। बीजेपी ने बिना संदर्भ दिए पुराना वीडियो शेयर किया ताकि मौजूदा सरकार की छवि खराब की जा सके। हालांकि, फैक्ट चेक ने इस झूठ का पर्दाफाश कर दिया। यह पहली बार नहीं है जब किसी राजनीतिक दल ने गलत जानकारी फैलाई हो, लेकिन शिक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर इस तरह की राजनीति करना आम जनता के साथ धोखा है। एक जागरूक नागरिक के तौर पर हमें यह समझना होगा कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हर चीज सच नहीं होती। राजनीतिक दल अपने फायदे के लिए पुराने वीडियो को नए संदर्भ में पेश कर सकते हैं। असली मुद्दा यह है कि स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए ठोस काम हो, न कि सिर्फ सोशल मीडिया पर एक-दूसरे को नीचा दिखाने की होड़ मची रहे।
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धर्मेंद्र के परिवार पर अनबन की खबरों पर हेमा मालिनी ने तोड़ी चुप्पी, AI को बताया जिम्मेदार🔍 फ़ैक्ट चेकSHS पड़ताल टीम

धर्मेंद्र के परिवार पर अनबन की खबरों पर हेमा मालिनी ने तोड़ी चुप्पी, AI को बताया जिम्मेदार

❌ वायरल दावा:
धर्मेंद्र के परिवार पर अनबन की खबरों पर हेमा मालिनी ने तोड़ी चुप्पी, AI को बताया जिम्मेदार
✅ पड़ताल का सच:
📌 मुख्य बातें: - हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र के पहले परिवार के साथ अनबन की खबरों को नकारा। - उन्होंने AI और सोशल मीडिया पर फैल रही गलत सूचनाओं को लेकर चेतावनी दी। - निजी जीवन से जुड़ी अफवाहों पर एक्ट्रेस ने पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है। हाल ही में सोशल मीडिया पर धर्मेंद्र के निधन की खबरों और उनके परिवार के बीच कथित कलह को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे थे। इन दावों में यह कहा जा रहा था कि हेमा मालिनी और धर्मेंद्र के पहले परिवार के बीच रिश्ते खराब हो गए हैं। अब खुद हेमा मालिनी ने इन तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि ये सब खबरें मनगढ़ंत हैं और इनका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने लोगों को आगाह किया कि आज के दौर में AI का इस्तेमाल करके किसी के भी बारे में कुछ भी गलत दिखाया जा सकता है, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है। यह मामला केवल एक सेलिब्रिटी के निजी जीवन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस दौर की सच्चाई को भी दर्शाता है जहां तकनीक का गलत इस्तेमाल करके अफवाहें फैलाई जा रही हैं। आज के समय में इंटरनेट पर मौजूद हर जानकारी को सच मान लेना आम लोगों के लिए भी खतरनाक हो सकता है। गलत सूचनाएं न केवल किसी की छवि खराब करती हैं, बल्कि समाज में भ्रम भी पैदा करती हैं। हेमा मालिनी का यह बयान इस बात की याद दिलाता है कि हमें डिजिटल युग में सूचनाओं की सत्यता की जांच जरूर करनी चाहिए, क्योंकि हर चमकती हुई खबर सच नहीं होती।
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2018 Video Shared As Showing Poor Facilities In AAP-Governed Punjab School🔍 फ़ैक्ट चेकNewschecker

2018 Video Shared As Showing Poor Facilities In AAP-Governed Punjab School

❌ वायरल दावा:
2018 Video Shared As Showing Poor Facilities In AAP-Governed Punjab School
✅ पड़ताल का सच:
The viral video does not show the present condition of the government school in Punjab under the Bhagwant Mann-led AAP government. The footage dates back to 2018, when the state was governed by the Congress.
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Fact Check: बाबा रामदेव के नाम पर फर्जी पोस्ट वायरल, कांग्रेस की तारीफ करते हुए उन्होंने नहीं मांगी माफी🔍 फ़ैक्ट चेकVishvas News

Fact Check: बाबा रामदेव के नाम पर फर्जी पोस्ट वायरल, कांग्रेस की तारीफ करते हुए उन्होंने नहीं मांगी माफी

❌ वायरल दावा:
बाबा रामदेव के नाम पर फर्जी पोस्ट वायरल, कांग्रेस की तारीफ करते हुए उन्होंने नहीं मांगी माफी
✅ पड़ताल का सच:
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। योग गुरु रामदेव का एक कथित बयान इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ‘नवभारत टाइम्‍स’ (एनबीटी) के टेंपलेट और लोगो के अलावा इसमें बाबा रामदेव की तस्वीर का भी इस्तेमाल किया गया है। दावा है कि उन्होंने कांग्रेस की तारीफ करते The post Fact Check: बाबा रामदेव
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अरुणाचल में चीनी घुसपैठ का दावा निकला फर्जी, बांग्लादेश सीमा का वीडियो हुआ वायरल🔍 फ़ैक्ट चेकSHS पड़ताल टीम

अरुणाचल में चीनी घुसपैठ का दावा निकला फर्जी, बांग्लादेश सीमा का वीडियो हुआ वायरल

❌ वायरल दावा:
अरुणाचल में चीनी घुसपैठ का दावा निकला फर्जी, बांग्लादेश सीमा का वीडियो हुआ वायरल
✅ पड़ताल का सच:
📌 मुख्य बातें: - अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ का दावा सोशल मीडिया पर पूरी तरह गलत साबित हुआ है। - वायरल वीडियो असल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर BSF और BGB के बीच हुई बहस का है। - भ्रामक जानकारी फैलाने वालों ने इसे चीन से जोड़कर सनसनी फैलाने की कोशिश की। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो जमकर शेयर किया जा रहा है। वीडियो में वर्दीधारी जवान आपस में बहस करते दिख रहे हैं। इसे शेयर करने वाले दावा कर रहे हैं कि यह अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ का सबूत है। जब इस वीडियो की सच्चाई खंगाली गई, तो पता चला कि इसका अरुणाचल या चीन से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है। यह घटना पश्चिम बंगाल से सटे बांग्लादेश बॉर्डर के चांपाईनवाबगंज इलाके की है, जहाँ सीमा सुरक्षा बल और बांग्लादेश के बॉर्डर गार्ड्स के बीच किसी स्थानीय मुद्दे पर तीखी नोकझोंक हुई थी। इंटरनेट के इस दौर में 'फेक न्यूज' का जहर कितनी तेजी से फैलता है, यह वीडियो उसका जीता-जागता उदाहरण है। लोग बिना सोचे-समझे राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भ्रामक वीडियो फैला देते हैं। ऐसे वीडियो न केवल भ्रम पैदा करते हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि को भी नुकसान पहुँचाते हैं। एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते, किसी भी सनसनीखेज दावे को आगे बढ़ाने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना बेहद जरूरी है। सुरक्षा एजेंसियों के आधिकारिक बयानों के बिना ऐसी खबरों पर भरोसा करना खुद को और समाज को गुमराह करने जैसा है।
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Fact Check: अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकने वाली महिला का वीडियो गलत दावे से हुआ वायरल🔍 फ़ैक्ट चेकVishvas News

Fact Check: अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकने वाली महिला का वीडियो गलत दावे से हुआ वायरल

❌ वायरल दावा:
अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकने वाली महिला का वीडियो गलत दावे से हुआ वायरल
✅ पड़ताल का सच:
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक महिला का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक महिला को कुछ पुलिस वाले लेकर जा रहे हैं और वह उनके सामने हाथ जोड़ रही है। कई सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को शेयर The post Fact Check: अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकने वाली महिला का वी
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Did Omar Abdullah Say PM Modi Involved US President Trump In Kashmir Issue?🔍 फ़ैक्ट चेकNewschecker

Did Omar Abdullah Say PM Modi Involved US President Trump In Kashmir Issue?

❌ वायरल दावा:
Did Omar Abdullah Say PM Modi Involved US President Trump In Kashmir Issue?
✅ पड़ताल का सच:
The viral video has been manipulated to falsely attribute remarks to Omar Abdullah about PM Modi involving US President Donald Trump in the Kashmir issue.
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BJP ने AAP शिक्षा मॉडल की खामियां दिखाकर जो वीडियो शेयर किया वो 2018 का निकला🔍 फ़ैक्ट चेकAlt News Hindi

BJP ने AAP शिक्षा मॉडल की खामियां दिखाकर जो वीडियो शेयर किया वो 2018 का निकला

❌ वायरल दावा:
BJP ने AAP शिक्षा मॉडल की खामियां दिखाकर जो वीडियो शेयर किया वो 2018 का निकला
✅ पड़ताल का सच:
BJP के अलग-अलग राज्य सोशल मीडिया हैन्डल्स और नेतागण एक वीडियो शेयर करते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) पर निशाना साध रहे हैं. इस वीडियो में एक सिख व्यक्ति पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले के जल्ला गांव स्थित एक सरकारी स्कूल के शौचालयों की खराब स्थिति दिखाते हुए नज़र आता है. भाजपा नेताओं का दावा
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Fact Check: अभिनेत्री नयनतारा के सिर मुड़वाने के दावे से एआई तस्वीरें वायरल, गूगल AI का हुआ इस्तेमाल🔍 फ़ैक्ट चेकVishvas News

Fact Check: अभिनेत्री नयनतारा के सिर मुड़वाने के दावे से एआई तस्वीरें वायरल, गूगल AI का हुआ इस्तेमाल

❌ वायरल दावा:
अभिनेत्री नयनतारा के सिर मुड़वाने के दावे से एआई तस्वीरें वायरल, गूगल AI का हुआ इस्तेमाल
✅ पड़ताल का सच:
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। फिल्म 'टॉक्सिक' की रिलीज से पहले अभिनेत्री नयनतारा की दो तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इनमें वह एक मंदिर में नजर आ रही हैं। कुछ यूजर्स इन्हें शेयर कर दावा कर रहे हैं कि नयनतारा ने अपना सिर मुड़वा लिया है। विश्वास न्यूज The post Fact Check: अभिनेत्री नयनतारा के
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Viral Video Falsely Claims To Show A Hindu House Being Burned Down By Islamists In Bangladesh🔍 फ़ैक्ट चेकNewschecker

Viral Video Falsely Claims To Show A Hindu House Being Burned Down By Islamists In Bangladesh

❌ वायरल दावा:
Viral Video Falsely Claims To Show A Hindu House Being Burned Down By Islamists In Bangladesh
✅ पड़ताल का सच:
The viral video claiming to show a Hindu house being burned down by Islamists in Bangladesh is misleading.
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Fact Check: नदी पार कर स्कूल जाते बच्चों का वीडियो यूपी का नहीं, उत्तराखंड का है🔍 फ़ैक्ट चेकVishvas News

Fact Check: नदी पार कर स्कूल जाते बच्चों का वीडियो यूपी का नहीं, उत्तराखंड का है

❌ वायरल दावा:
नदी पार कर स्कूल जाते बच्चों का वीडियो यूपी का नहीं, उत्तराखंड का है
✅ पड़ताल का सच:
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। दिल्‍ली में हुए 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के छात्र आंदोलन के बाद स्कूलों की समस्याओं को लेकर बच्चों ने कई जगह प्रदर्शन किए हैं। उत्तर प्रदेश में भी स्कूलों में असुविधाओं और सड़कों की खराब हालत के विरोध में कई जगह बच्चों ने प्रदर्शन किए हैं। The post Fact Check:
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Viral Post Claiming Trump Plans To Deploy Indian EVMs In 2028 US Polls Is Fake🔍 फ़ैक्ट चेकNewschecker

Viral Post Claiming Trump Plans To Deploy Indian EVMs In 2028 US Polls Is Fake

❌ वायरल दावा:
Viral Post Claiming Trump Plans To Deploy Indian EVMs In 2028 US Polls Is Fake
✅ पड़ताल का सच:
The viral screenshot does not represent an authentic post by Donald Trump. While Trump did make a genuine post on August 18 mentioning Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar and India’s election system, he did not say that the US was in talks to bring Indian EVMs to America for the 2028 election
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Fact Check: कार्यक्रम के दौरान कंगना रनौत पर हमले का दावा फेक, वीडियो मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर का है🔍 फ़ैक्ट चेकVishvas News

Fact Check: कार्यक्रम के दौरान कंगना रनौत पर हमले का दावा फेक, वीडियो मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर का है

❌ वायरल दावा:
कार्यक्रम के दौरान कंगना रनौत पर हमले का दावा फेक, वीडियो मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर का है
✅ पड़ताल का सच:
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। हिमाचल प्रदेश के मंडी से भारतीय जनता पार्टी की लोकसभा सांसद एवं अभिनेत्री कंगना रनौत ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के बैनर तले हुए छात्र आंदोलन के दौरान इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा के लिए ‘जेन-जी’ को ‘गटर जेनरेशन’ कहा था। इसके बाद अब सोशल मीडिया The post Fact Check: कार्य
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Fact Check: पीएम मोदी और अमित शाह के युवा दिनों की बताकर वायरल की गई AI तस्वीर🔍 फ़ैक्ट चेकVishvas News

Fact Check: पीएम मोदी और अमित शाह के युवा दिनों की बताकर वायरल की गई AI तस्वीर

❌ वायरल दावा:
पीएम मोदी और अमित शाह के युवा दिनों की बताकर वायरल की गई AI तस्वीर
✅ पड़ताल का सच:
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है। इस फोटो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह 1990 के दशक की है। विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह The post Fact Check: पीएम मोदी और अमित शाह के युवा दिनों की बता
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Video Showing PM Modi Discussing Mecca Joint Defence Pact During I-Day Speech Is Altered🔍 फ़ैक्ट चेकNewschecker

Video Showing PM Modi Discussing Mecca Joint Defence Pact During I-Day Speech Is Altered

❌ वायरल दावा:
Video Showing PM Modi Discussing Mecca Joint Defence Pact During I-Day Speech Is Altered
✅ पड़ताल का सच:
The viral video does not show PM Modi making the alleged remarks about the Pakistan-Turkey-Saudi Arabia defence pact during his Independence Day address.
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Fact Check: पीएम मोदी ने नहीं किया राष्ट्रगान का अपमान, पुराने वीडियो में अलग से जोड़ा गया राष्ट्रगान🔍 फ़ैक्ट चेकVishvas News

Fact Check: पीएम मोदी ने नहीं किया राष्ट्रगान का अपमान, पुराने वीडियो में अलग से जोड़ा गया राष्ट्रगान

❌ वायरल दावा:
पीएम मोदी ने नहीं किया राष्ट्रगान का अपमान, पुराने वीडियो में अलग से जोड़ा गया राष्ट्रगान
✅ पड़ताल का सच:
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दिखाया गया है कि बैकग्राउंड में भारत का राष्ट्रगान 'जन-गण-मन' बज रहा है और पीएम हाथ जोड़कर मंच पर नेताओं से मिल रहे हैं। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को शेयर The post Fact Check: पीएम मोदी ने नहीं कि
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Fact Check: पूर्व पीएम चौधरी चरण सिंह के लिए हुक्का बनाते मुलायम सिंह यादव की वायरल तस्वीर है AI मैनिपुलेटेड🔍 फ़ैक्ट चेकVishvas News

Fact Check: पूर्व पीएम चौधरी चरण सिंह के लिए हुक्का बनाते मुलायम सिंह यादव की वायरल तस्वीर है AI मैनिपुलेटेड

❌ वायरल दावा:
पूर्व पीएम चौधरी चरण सिंह के लिए हुक्का बनाते मुलायम सिंह यादव की वायरल तस्वीर है AI मैनिपुलेटेड
✅ पड़ताल का सच:
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में भले अभी कुछ वक्त बचा हो, लेकिन स्थानीय नेताओं के बीच आपसी बयानबाजी शुरू हो गई है। पिछले दिनों समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने राष्‍ट्रीय लोक दल (आरएलडी) अध्यक्ष जयंत चौधरी का नाम लिए The post Fact Ch
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छत्तीसगढ़ में BJP कार्यकर्ताओं ने 15 अगस्त को तिरंगे की जगह BJP का झंडा फहराया? वायरल वीडियो पुराना है

❌ वायरल दावा:
छत्तीसगढ़ में BJP कार्यकर्ताओं ने 15 अगस्त को तिरंगे की जगह BJP का झंडा फहराया? वायरल वीडियो पुराना है
✅ पड़ताल का सच:
छत्तीसगढ़ के कुरुद से भाजपा विधायक अजय चंद्राकर और भाजपा कार्यकर्ताओं के झंडा फहराने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. कांग्रेस कार्यकर्ताओं समेत कई यूज़र्स और सोशल मीडिया हैंडल्स ने वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने छत्तीसगढ़ के धमतरी ज़िले के कुरुद में 15 अगस्त 'स्वतंत्रता
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Fact Check: कांग्रेस के कार्यक्रम में जॉर्जिया मेलोनी पर संदीप दीक्षित की टिप्पणी के बाद इटली के दूतावास का फर्जी लेटर वायरल🔍 फ़ैक्ट चेकVishvas News

Fact Check: कांग्रेस के कार्यक्रम में जॉर्जिया मेलोनी पर संदीप दीक्षित की टिप्पणी के बाद इटली के दूतावास का फर्जी लेटर वायरल

❌ वायरल दावा:
कांग्रेस के कार्यक्रम में जॉर्जिया मेलोनी पर संदीप दीक्षित की टिप्पणी के बाद इटली के दूतावास का फर्जी लेटर वायरल
✅ पड़ताल का सच:
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। दिल्ली में आयोजित 'रचनात्मक कांग्रेस कन्वेंशन’ में 13 अगस्त 2026 को राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर तंज कसते हुए संदीप दीक्षित को गले लगाया था, जिसके बाद संदीप दीक्षित ने कहा था, 'मेलोनी समझकर तो नहीं पकड़ा था'। संदीप दीक्षित की इस The post Fact Check: कांग्रे
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Video Claiming To Show Akshay Kumar Mocking Indian Army Over Op Sindoor Documentary Is Doctored🔍 फ़ैक्ट चेकNewschecker

Video Claiming To Show Akshay Kumar Mocking Indian Army Over Op Sindoor Documentary Is Doctored

❌ वायरल दावा:
Video Claiming To Show Akshay Kumar Mocking Indian Army Over Op Sindoor Documentary Is Doctored
✅ पड़ताल का सच:
The viral video has been digitally altered to make it appear as though Akshay Kumar commented on the “Declassified: Operation Sindoor” documentary.
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PM Modi ‘Disrespects’ National Anthem? Manipulated Video Goes Viral🔍 फ़ैक्ट चेकNewschecker

PM Modi ‘Disrespects’ National Anthem? Manipulated Video Goes Viral

❌ वायरल दावा:
PM Modi ‘Disrespects’ National Anthem? Manipulated Video Goes Viral
✅ पड़ताल का सच:
the viral clip has been edited by adding The audio of the Indian national anthem over the original footage, creating a false impression that Modi was moving around while the anthem was being played.
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Old, Unrelated Video Shared As Chhattisgarh BJP Leaders Hoisting Party Flag On Independence Day🔍 फ़ैक्ट चेकNewschecker

Old, Unrelated Video Shared As Chhattisgarh BJP Leaders Hoisting Party Flag On Independence Day

❌ वायरल दावा:
Old, Unrelated Video Shared As Chhattisgarh BJP Leaders Hoisting Party Flag On Independence Day
✅ पड़ताल का सच:
The viral video does not show BJP leaders hoisting the party flag instead of the Indian National Flag during an Independence Day celebration in Dhamtari.
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Viral Video Of President Murmu Calling For ‘Independent Inquiry Into Rafale Jet Losses’ Is Doctored🔍 फ़ैक्ट चेकNewschecker

Viral Video Of President Murmu Calling For ‘Independent Inquiry Into Rafale Jet Losses’ Is Doctored

❌ वायरल दावा:
Viral Video Of President Murmu Calling For ‘Independent Inquiry Into Rafale Jet Losses’ Is Doctored
✅ पड़ताल का सच:
The viral video falsely attributes remarks about an independent inquiry into alleged Rafale jet losses to President Droupadi Murmu.
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Weekly Wrap: Misinformation On Jharkhand Students’ Protest, PM Modi & More🔍 फ़ैक्ट चेकNewschecker

Weekly Wrap: Misinformation On Jharkhand Students’ Protest, PM Modi & More

❌ वायरल दावा:
Weekly Wrap: Misinformation On Jharkhand Students’ Protest, PM Modi & More
✅ पड़ताल का सच:
From an unrelated video being falsely shared to show BJP-backed miscreants assaulting a Muslim boy at a school in Karnataka, to an old video from Bihar...
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कैसे राईटविंग और 'स्टार' एंकरों ने CJP प्रदर्शन में शामिल महिलाओं को निशाना बनाया🔍 फ़ैक्ट चेकAlt News Hindi

कैसे राईटविंग और 'स्टार' एंकरों ने CJP प्रदर्शन में शामिल महिलाओं को निशाना बनाया

❌ वायरल दावा:
कैसे राईटविंग और 'स्टार' एंकरों ने CJP प्रदर्शन में शामिल महिलाओं को निशाना बनाया
✅ पड़ताल का सच:
जैसे-जैसे CJP विरोध प्रदर्शनों ने ज़ोर पकड़ा, उनमें शामिल कुछ महिलाओं के ख़िलाफ़ ऑनलाइन एक समानांतर अभियान शुरू हो गया. प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने वाले अकाउंट्स ने उनके वीडियोज़ फैलाए, उन्हें गालियां दीं और संवेदनशील निजी जानकारी वाले स्क्रीनशॉट पब्लिश किए जिससे ऑनलाइन ट्रोलिंग सीधे तौर पर 'डॉक्
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RTI में संसद मार्च के दौरान पैलेट गन से कम-से-कम 10 लोगों के घायल होने का खुलासा

❌ वायरल दावा:
RTI में संसद मार्च के दौरान पैलेट गन से कम-से-कम 10 लोगों के घायल होने का खुलासा
✅ पड़ताल का सच:
20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के दौरान पैलेट गन से 10 लोगों के घायल होने का खुलासा हुआ है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद साकेत गोखले ने सूचना का अधिकार (RTI) आवेदन के तहत जवाब मांगा था जिसके जवाब में
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सेक्युलर महिलाओं को रेप में मज़ा आता है’: विवादित बयान के लिए टी.जी. मोहनदास पर केस दर्ज🔍 फ़ैक्ट चेकAlt News Hindi

सेक्युलर महिलाओं को रेप में मज़ा आता है’: विवादित बयान के लिए टी.जी. मोहनदास पर केस दर्ज

❌ वायरल दावा:
सेक्युलर महिलाओं को रेप में मज़ा आता है’: विवादित बयान के लिए टी.जी. मोहनदास पर केस दर्ज
✅ पड़ताल का सच:
राईटविंग विचारक और राजनीतिक कमेंटेटर टी.जी. मोहनदास पर तिरुवनंतपुरम सिटी साइबर पुलिस ने 29 जुलाई को उनके यूट्यूब वीडियो में दिए गए विवादित बयानों के लिए मामला दर्ज़ किया है. एक वीडियो में, केरल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के इंटेलेक्चुअल सेल के पूर्व 'कन्वीनर' मोहनदास ने कहा कि अगर उनके हाथ में कंट्
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'25 दिन भूख हड़ताल करो, फिर इस्तीफा दूंगा', प्रियांक खड़गे का ये बयान BJP के लिए था🔍 फ़ैक्ट चेकAlt News Hindi

'25 दिन भूख हड़ताल करो, फिर इस्तीफा दूंगा', प्रियांक खड़गे का ये बयान BJP के लिए था

❌ वायरल दावा:
'25 दिन भूख हड़ताल करो, फिर इस्तीफा दूंगा', प्रियांक खड़गे का ये बयान BJP के लिए था
✅ पड़ताल का सच:
4 अगस्त, 2026 को BJP के अलग अलग हैन्डल से कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे का 20 सेकंड का एक वीडियो सोशल मीडिया शेयर किया गया. BJP ने दावा किया कि प्रियांक खड़गे ने छात्रों को 25 दिन की भूख हड़ताल करने और लाठीचार्ज झेलने को कहा, तभी वो इस्तीफा देंगे. ये वीडियो बीजेपी
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Viral video misquotes doctor guidelines to claim high blood sugar levels are no longer considered diabetes🔍 फ़ैक्ट चेकFactly Verified

Viral video misquotes doctor guidelines to claim high blood sugar levels are no longer considered diabetes

❌ वायरल दावा:
Viral video misquotes doctor guidelines to claim high blood sugar levels are no longer considered diabetes
✅ पड़ताल का सच:
A video (here & here) circulating widely on social media claims that, according to 2018 guidelines from the American College of Physicians (ACP), an HbA1c level of 8.4% does not mean a person has diabetes. The video also asserts that a post-prandial (after-meal) blood glucose level of up to 250 mg/d
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ANI ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर घायल छात्रों के बारे में X पर एक भी पोस्ट नहीं किया🔍 फ़ैक्ट चेकAlt News Hindi

ANI ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर घायल छात्रों के बारे में X पर एक भी पोस्ट नहीं किया

❌ वायरल दावा:
ANI ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर घायल छात्रों के बारे में X पर एक भी पोस्ट नहीं किया
✅ पड़ताल का सच:
कई दशकों से, भारत के टेलीविज़न न्यूज़ इकोसिस्टम में 'एशियन न्यूज़ इंटरनेशनल' (ANI) का लगभग एकाधिकार रहा है. सैकड़ों करोड़ रुपये के कारोबार वाली ये एजेंसी देश-विदेश के न्यूज़ चैनलों को वीडियो फ़ुटेज और साउंड बाइट्स सप्लाई करती है. इसके रिपोर्टर लगभग हर जगह मौजूद रहते हैं जिससे अक्सर कई मौकों पर ब्रेक
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जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने कहा कि गंगा में चिकन खाना कोई अपराध नहीं है, कोई भी कानून इसे नहीं रोकता है🔍 फ़ैक्ट चेकAlt News Hindi

जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने कहा कि गंगा में चिकन खाना कोई अपराध नहीं है, कोई भी कानून इसे नहीं रोकता है

❌ वायरल दावा:
जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने कहा कि गंगा में चिकन खाना कोई अपराध नहीं है, कोई भी कानून इसे नहीं रोकता है
✅ पड़ताल का सच:
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने 25 जुलाई को कहा कि गंगा नदी के पास चिकन खाने पर रोक लगाने वाला कोई कानून नहीं है. उन्होंने इस साल मार्च में वाराणसी में 14 युवा मुस्लिम की गिरफ़्तारी की आलोचना की. भोपाल के नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी में जस्टिस जीपी सिंह मेमोरियल लेक्चर देते हुए
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'जमाती', 'इस्लामिस्ट', 'शुक्रवार वाले लोग': CJP प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के पीछे बंगाल CM का सांप्रदायिक नैरेटिव🔍 फ़ैक्ट चेकAlt News Hindi

'जमाती', 'इस्लामिस्ट', 'शुक्रवार वाले लोग': CJP प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के पीछे बंगाल CM का सांप्रदायिक नैरेटिव

❌ वायरल दावा:
'जमाती', 'इस्लामिस्ट', 'शुक्रवार वाले लोग': CJP प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के पीछे बंगाल CM का सांप्रदायिक नैरेटिव
✅ पड़ताल का सच:
“मेरे भाई का पत्थर फेंकते, पत्रकारों को परेशान करते, लोगों को धक्का देते, हंगामा करते या कोई भी ग़लत शब्द बोलते हुए एक भी वीडियो फ़ुटेज नहीं है. लेकिन, विरोध वाली जगह खाली होने के बाद सड़कों की सफाई करते और एक बैग में कचरा इकट्ठा करते उनका वीडियो फ़ुटेज ज़रूर है. इसलिए, मैं पुलिस,
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India's passport ranking has not declined from 76th in 2014 to 125th in 2026; the viral post is misleading🔍 फ़ैक्ट चेकFactly Verified

India's passport ranking has not declined from 76th in 2014 to 125th in 2026; the viral post is misleading

❌ वायरल दावा:
India's passport ranking has not declined from 76th in 2014 to 125th in 2026; the viral post is misleading
✅ पड़ताल का सच:
A post claiming that India's passport ranking declined from 76th in 2014 to 125th in 2026 after Narendra Modi became Prime Minister of India is being widely circulated on social media platforms (here, here, and here). Through this article, let us fact-check the claim made in the post. Claim: India's
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No, Gold Worth ₹1.28 lakh crore has not gone missing from India’s treasury🔍 फ़ैक्ट चेकFactly Verified

No, Gold Worth ₹1.28 lakh crore has not gone missing from India’s treasury

❌ वायरल दावा:
No, Gold Worth ₹1.28 lakh crore has not gone missing from India’s treasury
✅ पड़ताल का सच:
A post featuring an article published by Punjab Kesari with the headline: “RBI Gold Reserve Data: Gold worth ₹1.28 lakh crore missing from the country’s treasury! RBI data causes panic” is being shared on social media (here, here, here). Let’s verify the accuracy of this claim made in the post. Clai
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భారత సుప్రీంకోర్టు పెన్షన్ కమ్యుటేషన్ రికవరీ వ్యవధిని తగ్గించలేదు🔍 फ़ैक्ट चेकFactly Verified

భారత సుప్రీంకోర్టు పెన్షన్ కమ్యుటేషన్ రికవరీ వ్యవధిని తగ్గించలేదు

❌ वायरल दावा:
భారత సుప్రీంకోర్టు పెన్షన్ కమ్యుటేషన్ రికవరీ వ్యవధిని తగ్గించలేదు
✅ पड़ताल का सच:
15 డిసెంబర్ 2025 నాటి ఒక అధికారిక గెజిట్ నోటిఫికేషన్ యొక్క గ్రాఫిక్‌ను కలిగి ఉన్న పోస్ట్‌ను (ఇక్కడ, ఇక్కడ) షేర్ చేస్తూ, సుప్రీం కోర్టు, సివిల్ రిట్ పిటిషన్ నంబర్ 2490, కేసు నంబర్ 8222/2024లో, కేంద్ర ప్రభుత్వ ఉద్యోగుల పెన్షన్ కమ్యుటేషన్ రికవరీ వ్యవధి ఇప్పుడు 15 సంవత్సరాలకు బదులుగా 10 సంవత్సరాల 8 నెలల
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The Supreme Court of India did not reduce the pension commutation recovery period🔍 फ़ैक्ट चेकFactly Verified

The Supreme Court of India did not reduce the pension commutation recovery period

❌ वायरल दावा:
The Supreme Court of India did not reduce the pension commutation recovery period
✅ पड़ताल का सच:
A post featuring a graphic of an official Gazzate notification dated 15 December 2025 is being shared (here, here, here) with the claim that “the Supreme Court, in a significant decision in Civil Writ Petition No. 2490 and Case No. 8222/2024, has directed that the recovery period for pension commuta
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భారత ప్రభుత్వం “2025 సీనియర్ స్కీం అప్డేట్” అనే పేరుతో ఎటువంటి సమగ్ర పథకాన్ని ఆమోదించలేదు🔍 फ़ैक्ट चेकFactly Verified

భారత ప్రభుత్వం “2025 సీనియర్ స్కీం అప్డేట్” అనే పేరుతో ఎటువంటి సమగ్ర పథకాన్ని ఆమోదించలేదు

❌ वायरल दावा:
భారత ప్రభుత్వం “2025 సీనియర్ స్కీం అప్డేట్” అనే పేరుతో ఎటువంటి సమగ్ర పథకాన్ని ఆమోదించలేదు
✅ पड़ताल का सच:
“భారత ప్రభుత్వం 21 నవంబర్ 2025న ప్రకటించిన '2025 సీనియర్ స్కీం అప్డేట్' వృద్ధులకు మరింత ఆర్థిక భద్రత, ఆరోగ్య సౌకర్యాలు, డిజిటల్ లిటరసీ, ప్రయాణ సబ్‌సిడీలు, నివాస భద్రత, హెల్ప్‌లైన్ సేవలు అందించడానికి రూపొందించిన సమగ్ర పథకం” అంటూ పలు ఉప స్కీములను ప్రస్తావిస్తూ సోషల్ మీడియాలో (ఇక్కడ, ఇక్కడ, ఇక్కడ) షేర్
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The National Lok Adalat scheduled for 13 December 2025 is not offering nationwide discounts on pending traffic challans🔍 फ़ैक्ट चेकFactly Verified

The National Lok Adalat scheduled for 13 December 2025 is not offering nationwide discounts on pending traffic challans

❌ वायरल दावा:
The National Lok Adalat scheduled for 13 December 2025 is not offering nationwide discounts on pending traffic challans
✅ पड़ताल का सच:
Several posts (here, here) on social media are going viral, claiming that a nationwide National Lok Adalat on 13 December 2025 will offer motorists a major opportunity to settle pending traffic challans with waivers ranging from 50% to 100%, depending on the state. The states said to be included are
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డిసెంబర్ 2025లో జరగనున్న లోక్ అదాలత్‌లలో పెండింగ్‌లో ఉన్న ట్రాఫిక్ చలాన్ల చెల్లింపుకు తెలంగాణ పోలీసులు ఎటువంటి రాయితీలు అందించడం లేదు🔍 फ़ैक्ट चेकFactly Verified

డిసెంబర్ 2025లో జరగనున్న లోక్ అదాలత్‌లలో పెండింగ్‌లో ఉన్న ట్రాఫిక్ చలాన్ల చెల్లింపుకు తెలంగాణ పోలీసులు ఎటువంటి రాయితీలు అందించడం లేదు

❌ वायरल दावा:
డిసెంబర్ 2025లో జరగనున్న లోక్ అదాలత్‌లలో పెండింగ్‌లో ఉన్న ట్రాఫిక్ చలాన్ల చెల్లింపుకు తెలంగాణ పోలీసులు ఎటువంటి రాయితీలు అందించడం లేదు
✅ पड़ताल का सच:
“పెండింగ్ ట్రాఫిక్ చలాన్లు ఉన్నవారికి సదావకాశం. డిసెంబర్ 13న జరిగే జాతీయ లోక్ అదాలత్‌లో పెండింగ్ చలాన్లు, పెనాల్టీలను సెటిల్ చేసుకోవడానికి అవకాశం కల్పించారు. అంతేకాకుండా 50 నుంచి 100 శాతం డిస్కౌంట్లు అందిస్తున్నారు. సీటు బెల్ట్ లేకపోవడం, సిగ్నల్ జంపింగ్ వంటి కేసులను లోక్ అదాలత్‌ సెటిల్ చేసుకోవచ్చు.
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2004లో మన్మోహన్ సింగ్ నేతృత్వంలోని UPA ప్రభుత్వం POTA చట్టాన్ని రద్దు చేసి, దాని స్థానంలో UAPA చట్టంలో మార్పులు చేసింది🔍 फ़ैक्ट चेकFactly Verified

2004లో మన్మోహన్ సింగ్ నేతృత్వంలోని UPA ప్రభుత్వం POTA చట్టాన్ని రద్దు చేసి, దాని స్థానంలో UAPA చట్టంలో మార్పులు చేసింది

❌ वायरल दावा:
2004లో మన్మోహన్ సింగ్ నేతృత్వంలోని UPA ప్రభుత్వం POTA చట్టాన్ని రద్దు చేసి, దాని స్థానంలో UAPA చట్టంలో మార్పులు చేసింది
✅ पड़ताल का सच:
“2002లో వాజ్‌పేయి ప్రభుత్వం ఉగ్రవాదాన్ని నిరోధించటానికి పోటా చట్టాన్ని తీసుకువచ్చింది. మన్మోహన్ అధికారంలోకి వచ్చిన వెంటనే కాంగ్రెస్ ప్రభుత్వం ఉగ్రవాదులను కాపాడటానికి పోటా చట్టాన్ని రద్దు చేసిందని ఎంతమందికి తెలుసు??” అని చెప్తూ ఉన్న పోస్ట్ ఒకటి సోషల్ మీడియాలో వైరల్ అవుతోంది (ఇక్కడ, ఇక్కడ, ఇక్కడ, ఇక్క
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The Prime Minister of India does not have any immunity from prosecution while in office🔍 फ़ैक्ट चेकFactly Verified

The Prime Minister of India does not have any immunity from prosecution while in office

❌ वायरल दावा:
The Prime Minister of India does not have any immunity from prosecution while in office
✅ पड़ताल का सच:
A video is going viral on social media claiming that the Prime Minister of India has special immunity from civil or criminal proceedings while in office. The video further alleges that this immunity against prosecution by any court was introduced during Indira Gandhi’s tenure as PM in 1975. Through
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