🔍 पड़ताल (Fact Check)

वायरल दावों व फर्जी खबरों की निष्पक्ष पड़ताल
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PIB Fact Check: रेलवे में 50,000 पदों पर सीधी भर्ती का वायरल नियुक्ति पत्र पूरी तरह फर्जी🔍 फ़ैक्ट चेकPIB Fact Check

PIB Fact Check: रेलवे में 50,000 पदों पर सीधी भर्ती का वायरल नियुक्ति पत्र पूरी तरह फर्जी

❌ वायरल दावा:
भारतीय रेलवे बिना परीक्षा के 50,000 पदों पर डायरेक्ट जॉइनिंग दे रहा है।
✅ पड़ताल का सच:
PIB Fact Check के अनुसार रेलवे केवल आधिकारिक वेबसाइट्स (rrbcdg.gov.in) के माध्यम से ही पारदर्शी परीक्षा द्वारा भर्तियां करता है। यह पत्र फ्रॉड है।
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Factly पड़ताल: क्या आधार कार्ड से ₹2 लाख का पर्सनल लोन बिना ब्याज के मिल रहा है?🔍 फ़ैक्ट चेकFactly Verified

Factly पड़ताल: क्या आधार कार्ड से ₹2 लाख का पर्सनल लोन बिना ब्याज के मिल रहा है?

❌ वायरल दावा:
आधार कार्ड पर सरकार दे रही है ₹2 लाख का शून्य ब्याज लोन।
✅ पड़ताल का सच:
Factly पड़ताल में पाया गया कि UIDAI केवल पहचान प्रमाण पत्र जारी करता है, कोई वित्तीय ऋण नहीं देता। यह वीडियो व्यूज बढ़ाने और साइबर फ्रॉड के लिए बनाए गए हैं।
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PIB Fact Check: क्या केंद्र सरकार सभी छात्रों को मुफ्त लैपटॉप और ₹50,000 की छात्रवृत्ति दे रही है?🔍 फ़ैक्ट चेकPIB Fact Check (भारत सरकार)

PIB Fact Check: क्या केंद्र सरकार सभी छात्रों को मुफ्त लैपटॉप और ₹50,000 की छात्रवृत्ति दे रही है?

❌ वायरल दावा:
केंद्र सरकार की नई योजना के तहत सभी छात्रों को मुफ्त लैपटॉप और ₹50,000 मिलेंगे।
✅ पड़ताल का सच:
PIB Fact Check ने स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार द्वारा ऐसी कोई योजना नहीं चलाई जा रही है। यह लिंक फर्जी है और किसी भी अनजान लिंक पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें।
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युद्ध के मैदान से लेकर टेलीग्राम तक, प्रोपेगैंडा फैलाने के लिए महिलाओं की आड़ ले रहे हैं रूसी चैनल🔍 फ़ैक्ट चेकVerified Publisher

युद्ध के मैदान से लेकर टेलीग्राम तक, प्रोपेगैंडा फैलाने के लिए महिलाओं की आड़ ले रहे हैं रूसी चैनल

❌ वायरल दावा:
युद्ध के मैदान से लेकर टेलीग्राम तक, प्रोपेगैंडा फैलाने के लिए महिलाओं की आड़ ले रहे हैं रूसी चैनल
✅ पड़ताल का सच:
📌 मुख्य बातें: - रूस समर्थक टेलीग्राम चैनलों द्वारा झूठे दावे फैलाए जाने का मामला सामने आया है। - चैनलों पर यूक्रेनी महिला सैनिकों को पकड़ने और उनके साथ बलात्कार करने का झूठा दावा किया गया। - फर्जी दावों और महिलाओं की तस्वीरों का इस्तेमाल करके लोगों को युद्ध समर्थक नेटवर्क की ओर खींचा जा रहा है। यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे संघर्ष के बीच अब सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर प्रोपेगैंडा का एक नया और खतरनाक दौर शुरू हो गया है। हाल ही में सामने आई रिपोर्ट्स बताती हैं कि कैसे कुछ रूस समर्थक टेलीग्राम चैनल सनसनीखेज और पूरी तरह झूठे दावों का सहारा ले रहे हैं। इन चैनलों पर यह प्रचारित किया गया कि यूक्रेनी महिला सैनिकों को पकड़ा गया है और उनके साथ बलात्कार जैसी घिनौनी हरकतें की गई हैं। लेकिन इस प्रोपेगैंडा की सच्चाई कुछ और ही है। जांच में सामने आया है कि इन दावों का जमीन पर मौजूद वास्तविक हालातों से कोई लेना-देना नहीं है। इन चैनलों का असली मकसद सनसनी फैलाकर लोगों की भावनाओं से खेलना और अपनी तरफ यूजर बेस बढ़ाना है। इसके लिए यूक्रेनी महिलाओं की तस्वीरों और झूठी कहानियों का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर युद्ध के पक्ष में माहौल तैयार किया जा सके। आज के डिजिटल दौर में युद्ध केवल सीमाओं पर ही नहीं, बल्कि मोबाइल की स्क्रीन और सोशल मीडिया पर भी लड़ा जा रहा है। एल्गोरिदम और व्यूज की भूख में मानवता और सच्चाई को ताक पर रख दिया जाता है। ऐसे में यह बेहद जरूरी है कि हर यूजर किसी भी ऐसी खबर या दावे को आगे बढ़ाने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करे, ताकि इस तरह के प्रोपेगैंडा नेटवर्क कामयाब न हो सकें।
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सोशल मीडिया क्रिएटर नीशू आजाद के मां दुर्गा को लेकर दिए विवादित बयान पर मचा बवाल🔍 फ़ैक्ट चेकVerified Publisher

सोशल मीडिया क्रिएटर नीशू आजाद के मां दुर्गा को लेकर दिए विवादित बयान पर मचा बवाल

❌ वायरल दावा:
सोशल मीडिया क्रिएटर नीशू आजाद के मां दुर्गा को लेकर दिए विवादित बयान पर मचा बवाल
✅ पड़ताल का सच:
📌 मुख्य बातें: - सोशल मीडिया क्रिएटर नीशू आजाद एक बार फिर अपने एक नए विवादित पोस्ट को लेकर सुर्खियों में आ गई हैं। - उन पर मां दुर्गा को लेकर कथित तौर पर बेहद आपत्तिजनक और भद्दी बात कहने का आरोप लगा है, जिसका ट्वीट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। - इससे पहले वह कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की तेरहवीं से जुड़ा वीडियो बनाकर चर्चा में आई थीं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आए दिन विवादित बयान और पोस्ट वायरल होना आम बात हो गई है, लेकिन धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों पर लोगों की प्रतिक्रियाएं काफी तीखी होती हैं। नीशू आजाद का यह नया विवादित ट्वीट सामने आने के बाद इंटरनेट यूजर्स ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई और जमकर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। बढ़ते विवाद और पुलिस कार्रवाई के डर के चलते यह भी चर्चा है कि उन्होंने अपना अकाउंट डिलीट कर दिया है। हालांकि, इस पूरे मामले में अभी तक कोई आधिकारिक कानूनी शिकायत या पुलिस एक्शन की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सोशल मीडिया पर यह मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है और यूजर्स इस पर लगातार अपनी बात रख रहे हैं।
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ओल्ड मंक रम नहीं है? सोशल मीडिया पर वायरल दावे से मचा हड़कंप🔍 फ़ैक्ट चेकVerified Publisher

ओल्ड मंक रम नहीं है? सोशल मीडिया पर वायरल दावे से मचा हड़कंप

❌ वायरल दावा:
ओल्ड मंक रम नहीं है? सोशल मीडिया पर वायरल दावे से मचा हड़कंप
✅ पड़ताल का सच:
📌 मुख्य बातें: - ओल्ड मंक के रम न होने का दावा सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। - आधिकारिक मानकों के अनुसार ओल्ड मंक एक डार्क रम है। - भ्रामक जानकारियों से बचने के लिए हमेशा विश्वसनीय स्रोतों की जांच करें। सोशल मीडिया के इस दौर में किसी भी चीज को सच मान लेना अब एक आदत सी बन गई है। हाल ही में ओल्ड मंक को लेकर उड़ी अफवाह ने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या वे अब तक गलत जानकारी के साथ जी रहे थे। हालांकि, हकीकत यह है कि ओल्ड मंक का निर्माण रम के तय मानकों के आधार पर ही होता है। सिस्टम और बाजार में अक्सर ऐसी भ्रामक बातें फैलाई जाती हैं ताकि लोग भ्रमित हों। किसी भी ब्रांड की पहचान उसके लेबल और सरकारी मानकों से होती है, न कि किसी रैंडम पोस्ट से। ऐसे में सतर्क रहना ही एकमात्र उपाय है।
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फिल्म ‘हनुमान अंश’ के सेट पर 30 प्रतिशत मुस्लिम क्रू ने नंगे पांव की शूटिंग🔍 फ़ैक्ट चेकVerified Publisher

फिल्म ‘हनुमान अंश’ के सेट पर 30 प्रतिशत मुस्लिम क्रू ने नंगे पांव की शूटिंग

❌ वायरल दावा:
फिल्म ‘हनुमान अंश’ के सेट पर 30 प्रतिशत मुस्लिम क्रू ने नंगे पांव की शूटिंग
✅ पड़ताल का सच:
📌 मुख्य बातें: - ‘Hanuman Ansh’ फिल्म से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। - वायरल वीडियो में एक मुस्लिम बुजुर्ग चप्पल उतारकर फिल्म देखते नजर आ रहे हैं। - मेकर्स ने खुलासा किया है कि शूटिंग के दौरान सेट पर 30 प्रतिशत मुस्लिम क्रू मौजूद था। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया जिसमें एक मुस्लिम बुजुर्ग ने अपनी चप्पल उतारकर फिल्म ‘Hanuman Ansh’ को देखा। इस वीडियो के वायरल होने के बाद हर तरफ चर्चा शुरू हो गई। इसी बीच फिल्म के मेकर्स ने सामने आकर एक बड़ा सच साझा किया है। मेकर्स के अनुसार, फिल्म ‘Hanuman Ansh’ के सेट पर लगभग 30% क्रू मुस्लिम सदस्य थे। इन सभी ने बिना किसी भेद-भाव के पूरी आस्था और ईमानदारी के साथ शूटिंग में हिस्सा लिया और नंगे पांव रहकर अपना काम पूरा किया। यह मामला इस बात की मिसाल पेश करता है कि रचनात्मकता और काम के क्षेत्र में कला का कोई मजहब नहीं होता है।
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Weekly Wrap: Misinformation On Nepal Flash Floods, False Communal Claims & More🔍 फ़ैक्ट चेकNewschecker

Weekly Wrap: Misinformation On Nepal Flash Floods, False Communal Claims & More

❌ वायरल दावा:
Weekly Wrap: Misinformation On Nepal Flash Floods, False Communal Claims & More
✅ पड़ताल का सच:
From misinformation surrounding the flash floods that hit Nepal last week, causing massive destruction and loss of life, to a scripted video being...
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Fact Check: जावा ट्रेंच के पास विशालकाय समुद्री जीव का जहाज को निगलने वाला वायरल वीडियो AI निर्मित है🔍 फ़ैक्ट चेकVishvas News

Fact Check: जावा ट्रेंच के पास विशालकाय समुद्री जीव का जहाज को निगलने वाला वायरल वीडियो AI निर्मित है

❌ वायरल दावा:
जावा ट्रेंच के पास विशालकाय समुद्री जीव का जहाज को निगलने वाला वायरल वीडियो AI निर्मित है
✅ पड़ताल का सच:
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इसमें एक विशालकाय समुद्री जीव को एक जहाज को न‍िगलते हुए द‍िखाया गया है। इस वीडियो को सच मानकर कई सोशल मीडि‍या यूजर्स शेयर कर रहे हैं। इस वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है The post Fact Check: जावा ट्रेंच क
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किंग चार्ल्स से मुलाकात का ड्रामा: पाकिस्तानी कोच ने खबरों को बताया कोरी अफवाह🔍 फ़ैक्ट चेकVerified Publisher

किंग चार्ल्स से मुलाकात का ड्रामा: पाकिस्तानी कोच ने खबरों को बताया कोरी अफवाह

❌ वायरल दावा:
किंग चार्ल्स से मुलाकात का ड्रामा: पाकिस्तानी कोच ने खबरों को बताया कोरी अफवाह
✅ पड़ताल का सच:
📌 मुख्य बातें: - पाकिस्तानी कोच हेसन ने किंग चार्ल्स से मुलाकात की खबरों को सिरे से नकारा। - खिलाड़ी सलमान को पहले ही दौरे में शामिल न होने की सूचना दे दी गई थी। - कोच ने स्पष्ट किया कि मीडिया में चल रही खबरें पूरी तरह से आधारहीन और मनगढ़ंत हैं। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के बकिंघम पैलेस दौरे को लेकर हाल ही में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि कुछ खिलाड़ियों को इस शाही मुलाकात से दूर रखा गया है। हालांकि, कोच हेसन ने इन सभी दावों को खारिज करते हुए कहा कि यह सब केवल 'बनाई गई बातें' हैं। हेसन ने बताया कि खिलाड़ी सलमान को इस दौरे के कार्यक्रम के बारे में पहले ही सूचित कर दिया गया था कि वे इसमें शामिल नहीं होंगे। यह कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि पहले से तय योजना का हिस्सा था। कोच के इस बयान ने उन तमाम चर्चाओं पर पूर्ण विराम लगा दिया है जो बिना किसी ठोस आधार के सोशल मीडिया और खबरों में तैर रही थीं। खेल जगत में अक्सर ऐसी खबरें सामने आती हैं जो खिलाड़ियों और प्रबंधन के बीच गलतफहमी पैदा करने की कोशिश करती हैं। हेसन का यह रुख स्पष्ट करता है कि टीम प्रबंधन अपनी आंतरिक प्रक्रियाओं को लेकर पूरी तरह से पारदर्शी है और बाहरी अफवाहों का उन पर कोई असर नहीं पड़ता है।
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किंग चार्ल्स से मुलाकात पर बवाल, पाकिस्तानी कोच ने खबरों को बताया बकवास🔍 फ़ैक्ट चेकVerified Publisher

किंग चार्ल्स से मुलाकात पर बवाल, पाकिस्तानी कोच ने खबरों को बताया बकवास

❌ वायरल दावा:
किंग चार्ल्स से मुलाकात पर बवाल, पाकिस्तानी कोच ने खबरों को बताया बकवास
✅ पड़ताल का सच:
📌 मुख्य बातें: - पाकिस्तानी कोच ने खिलाड़ी द्वारा किंग चार्ल्स से मिलने से इनकार करने की खबरों को गलत बताया है। - कोच ने इस तरह की रिपोर्टिंग को 'अस्वीकार्य पत्रकारिता' करार देते हुए इसे सिरे से खारिज किया है। - बिना किसी ठोस सबूत के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलाई गई इस खबर ने विवाद खड़ा कर दिया था। हाल ही में मीडिया में यह दावा तेजी से वायरल हुआ कि पाकिस्तान क्रिकेट टीम के एक सदस्य ने किंग चार्ल्स के साथ निर्धारित मुलाकात के दौरान उनसे मिलने से मना कर दिया। इस खबर ने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरीं और कई तरह के कयास लगाए जाने लगे। हालांकि, अब पाकिस्तानी टीम के कोच ने सामने आकर इन दावों का खंडन किया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह पूरी तरह से मनगढ़ंत और आधारहीन खबर है। कोच ने इस मामले में नाराजगी जताते हुए इसे पत्रकारिता के मानकों के खिलाफ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि टीम के किसी भी सदस्य ने ऐसा कोई व्यवहार नहीं किया और न ही ऐसी कोई स्थिति पैदा हुई थी। उन्होंने मीडिया संस्थानों से अपील की है कि वे किसी भी खबर को चलाने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें। यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि डिजिटल युग में 'क्लिकबेट' और सनसनीखेज खबरों के चक्कर में किस तरह से गलत सूचनाएं फैलाई जा रही हैं। बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के किसी अंतरराष्ट्रीय हस्ती या खिलाड़ी से जुड़ी ऐसी संवेदनशील खबरें न केवल गलत हैं, बल्कि यह खेल और कूटनीति के बीच के रिश्तों को भी प्रभावित करती हैं।
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वायरल वीडियो में नाम आने पर भड़के चिराग पासवान, कहा- मेरे नाम का दुरुपयोग हुआ🔍 फ़ैक्ट चेकVerified Publisher

वायरल वीडियो में नाम आने पर भड़के चिराग पासवान, कहा- मेरे नाम का दुरुपयोग हुआ

❌ वायरल दावा:
वायरल वीडियो में नाम आने पर भड़के चिराग पासवान, कहा- मेरे नाम का दुरुपयोग हुआ
✅ पड़ताल का सच:
📌 मुख्य बातें: - केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने वायरल वीडियो में अपना नाम आने पर कड़ी आपत्ति जताई है। - पासवान ने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो में दिख रहे व्यक्ति से उनका कोई लेना-देना नहीं है। - उन्होंने संबंधित व्यक्ति स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। सोशल मीडिया के दौर में किसी का भी नाम इस्तेमाल कर अफवाहें फैलाना एक आम चलन बन गया है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ, जब एक वायरल वीडियो में उनका नाम घसीटा गया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पासवान ने साफ कहा कि उनका उस व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है और यह उनके नाम का सीधा दुरुपयोग है। राजनीतिक गलियारों में अक्सर ऐसे मामले सामने आते हैं जहाँ लोग अपनी पहचान बनाने या किसी को बदनाम करने के लिए बड़े नेताओं के नाम का सहारा लेते हैं। चिराग पासवान ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। यह घटना दिखाती है कि कैसे डिजिटल युग में किसी की छवि को नुकसान पहुँचाना कितना आसान हो गया है, जिसके लिए अब सख्त कानूनी रुख अपनाना ही एकमात्र रास्ता बचा है।
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भारत में सक्रिय कुछ ऐसी 'पेपर पार्टियां' जो चुनाव नहीं लड़तीं लेकिन पाती हैं करोड़ों का चंदा🔍 फ़ैक्ट चेकVerified Publisher

भारत में सक्रिय कुछ ऐसी 'पेपर पार्टियां' जो चुनाव नहीं लड़तीं लेकिन पाती हैं करोड़ों का चंदा

❌ वायरल दावा:
भारत में सक्रिय कुछ ऐसी 'पेपर पार्टियां' जो चुनाव नहीं लड़तीं लेकिन पाती हैं करोड़ों का चंदा
✅ पड़ताल का सच:
📌 मुख्य बातें: - बीबीसी की पड़ताल में भारत की 'पेपर पार्टियों' का बड़ा खुलासा सामने आया है। - ये दल चुनावी राजनीति में मुश्किल से ही दिखते हैं, लेकिन इन्हें भारी-भरकम चंदा मिला है। - कुछ मामलों में इन पार्टियों को मिला चंदा राष्ट्रीय दलों से भी अधिक बताया गया है। बीबीसी की एक विशेष पड़ताल में यह बात सामने आई है कि भारतीय चुनावी तंत्र में कई ऐसी राजनीतिक पार्टियां सक्रिय हैं जिन्हें 'पेपर पार्टियां' कहा जा सकता है। ये दल कागजों पर तो वजूद में हैं और इन्हें भारी मात्रा में चंदा भी मिल रहा है, लेकिन मैदानी राजनीति या चुनावों में इनकी उपस्थिति न के बराबर होती है। रिपोर्ट के अनुसार, इन गुमनाम सी दिखने वाली पार्टियों के खातों में सैकड़ों करोड़ रुपये पहुंचे हैं। हैरानी की बात यह है कि कुछ मामलों में इन दलों का चंदा बड़े राष्ट्रीय दलों से भी ज्यादा दर्ज किया गया है। चुनावी राजनीति से दूरी बनाए रखने के बावजूद इतना बड़ा फंड कहां से और कैसे आ रहा है, यह व्यवस्था की पारदर्शिता पर बड़ा सवालिया निशान लगाता है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक दलों का मुख्य काम जनता के बीच जाना और चुनाव लड़ना होता है। लेकिन जब पार्टियां बिना चुनाव लड़े या जमीन पर उतरे सिर्फ चंदा जुटाने का जरिया बन जाएं, तो यह चुनाव आयोग और देश के वित्तीय नियामकों के लिए एक बड़ी चुनौती बन जाता है। इस खुलासे के बाद चंदे के स्रोतों और इन पार्टियों की वास्तविक गतिविधियों की जांच पर बहस तेज हो गई है।
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भारत की वो पेपर पार्टियां जो चुनाव तो नहीं लड़तीं पर करोड़ों चंदा पाती हैं🔍 फ़ैक्ट चेकVerified Publisher

भारत की वो पेपर पार्टियां जो चुनाव तो नहीं लड़तीं पर करोड़ों चंदा पाती हैं

❌ वायरल दावा:
भारत की वो पेपर पार्टियां जो चुनाव तो नहीं लड़तीं पर करोड़ों चंदा पाती हैं
✅ पड़ताल का सच:
📌 मुख्य बातें: - बीबीसी की पड़ताल में सामने आया कि कई राजनीतिक दल केवल कागजों पर अस्तित्व में हैं। - इन पार्टियों को मिलने वाला चंदा कई बड़े राष्ट्रीय दलों के फंड से भी ज्यादा है। - चुनावी राजनीति में इन पार्टियों की सक्रियता न के बराबर है, जो चंदे के दुरुपयोग की आशंका पैदा करती है। देश में राजनीतिक दलों के पंजीकरण और उन्हें मिलने वाले चंदे की प्रक्रिया पर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। बीबीसी की इस रिपोर्ट ने उन 'पेपर पार्टियों' की पोल खोल दी है, जो चुनाव लड़ने के बजाय केवल चंदा इकट्ठा करने का जरिया बनी हुई हैं। यह स्थिति लोकतंत्र की उस नींव को कमजोर करती है, जहां राजनीतिक दलों का मुख्य उद्देश्य जनसेवा और चुनावी भागीदारी होना चाहिए। जब कोई दल बिना किसी चुनावी गतिविधि के करोड़ों रुपये का फंड प्राप्त करता है, तो यह सिस्टम की खामियों को उजागर करता है। चंदे के नियमों में ढील और निगरानी की कमी का फायदा उठाकर ये पार्टियां अपनी तिजोरियां भर रही हैं। आम जनता के लिए यह समझना जरूरी है कि उनका लोकतंत्र किस तरह से इन अदृश्य ताकतों द्वारा प्रभावित हो रहा है।
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एटीएम मशीन का कीपैड लोहे का क्यों होता है, जानिए इसके पीछे की असली वजह🔍 फ़ैक्ट चेकVerified Publisher

एटीएम मशीन का कीपैड लोहे का क्यों होता है, जानिए इसके पीछे की असली वजह

❌ वायरल दावा:
एटीएम मशीन का कीपैड लोहे का क्यों होता है, जानिए इसके पीछे की असली वजह
✅ पड़ताल का सच:
📌 मुख्य बातें: - एटीएम कीपैड का मेटल से बना होना केवल मजबूती के लिए नहीं है। - मेटल कीपैड गर्मी के प्रभाव को कम करने में सहायक होते हैं। - यह सुरक्षा मानकों के अनुरूप मशीन की लंबी उम्र सुनिश्चित करता है। एटीएम मशीनें हमारे दैनिक जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुकी हैं। हम में से अधिकांश लोग पैसे निकालने के लिए इनका उपयोग करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि इनके कीपैड हमेशा लोहे या धातु के ही क्यों होते हैं? इसके पीछे का तकनीकी कारण केवल मजबूती नहीं है, बल्कि सुरक्षा भी है। प्लास्टिक की तुलना में धातु के कीपैड अधिक टिकाऊ होते हैं और भारी उपयोग के बावजूद जल्दी घिसते नहीं हैं। इसके अलावा, तकनीकी दृष्टि से मेटल कीपैड हीट रेजिस्टेंस यानी गर्मी को सहने की क्षमता रखते हैं। एटीएम मशीनें 24 घंटे चालू रहती हैं, जिससे उनके आंतरिक घटकों में गर्मी पैदा हो सकती है। धातु का उपयोग इस गर्मी को नियंत्रित करने और कीपैड के सर्किट को सुरक्षित रखने में मदद करता है। यह साधारण सा दिखने वाला बदलाव असल में मशीन की सुरक्षा और डेटा की गोपनीयता बनाए रखने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
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फ्लिपकार्ट पर iPhone 17 Pro Max को लेकर वायरल हो रहा है यह दावा🔍 फ़ैक्ट चेकVerified Publisher

फ्लिपकार्ट पर iPhone 17 Pro Max को लेकर वायरल हो रहा है यह दावा

❌ वायरल दावा:
फ्लिपकार्ट पर iPhone 17 Pro Max को लेकर वायरल हो रहा है यह दावा
✅ पड़ताल का सच:
📌 मुख्य बातें: - iPhone 17 सीरीज अभी तक बाजार में लॉन्च नहीं हुई है। - वायरल दावों में दी गई जानकारी का कोई आधिकारिक आधार नहीं है। - ऑनलाइन शॉपिंग करते समय हमेशा सतर्क रहें और भ्रामक विज्ञापनों से बचें। हाल के दिनों में इंटरनेट पर एक खबर तेजी से फैल रही है कि फ्लिपकार्ट पर iPhone 17 Pro Max को 99,999 रुपये से कम कीमत में उपलब्ध कराया जा रहा है। यह दावा तकनीकी रूप से पूरी तरह गलत है क्योंकि Apple ने अभी तक इस मॉडल को बाजार में उतारा ही नहीं है। इस तरह की खबरें अक्सर क्लिकबेट के जरिए लोगों को भ्रमित करने के लिए फैलाई जाती हैं। तकनीकी बाजार में इस तरह के भ्रामक दावे अक्सर ग्राहकों को लुभाने के लिए किए जाते हैं। जब भी कोई नया फोन लॉन्च होने वाला होता है, तो ऐसी अफवाहें जोर पकड़ लेती हैं। हमारी सलाह है कि आप ऐसी किसी भी खबर पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक Apple स्टोर या फ्लिपकार्ट की अधिकृत वेबसाइट पर जाकर ही पुष्टि करें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करना आपके डेटा और सुरक्षा के लिए जोखिम भरा हो सकता है।
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अंतरराष्ट्रीय मंच पर रजत पदक जीतने वाली भारतीय पावरलिफ्टिंग खिलाड़ी किया बनर्जी हुईं ऑनलाइन उत्पीड़न का शिकार🔍 फ़ैक्ट चेकVerified Publisher

अंतरराष्ट्रीय मंच पर रजत पदक जीतने वाली भारतीय पावरलिफ्टिंग खिलाड़ी किया बनर्जी हुईं ऑनलाइन उत्पीड़न का शिकार

❌ वायरल दावा:
अंतरराष्ट्रीय मंच पर रजत पदक जीतने वाली भारतीय पावरलिफ्टिंग खिलाड़ी किया बनर्जी हुईं ऑनलाइन उत्पीड़न का शिकार
✅ पड़ताल का सच:
📌 मुख्य बातें: • भारतीय पावरलिफटर किया कुणाल बनर्जी ने आईपीएफ जूनियर वर्ल्ड्स में देश के लिए जीता सिल्वर मेडल। • जीत के बाद सोशल मीडिया पर एआई-जनरेटेड फर्जी तस्वीरों और ऑनलाइन उत्पीड़न का शिकार हुईं खिलाड़ी। • अपनी असली पहचान और कहानी वापस पाने के लिए खिलाड़ी ने बनाया नया सोशल मीडिया अकाउंट। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को खेल के मैदान के बाहर किस तरह की अजीबोगरीब और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है, इसकी एक बानगी हाल ही में सामने आई है। भारतीय पावरलिफटर किया कुणाल बनर्जी ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर आईपीएफ जूनियर वर्ल्ड्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया था। लेकिन उनकी इस खेल उपलब्धि की खुशी उस वक्त फीकी पड़ गई जब इंटरनेट की दुनिया में उन्हें गलत तरीके से निशाना बनाया गया। इस मामले ने एक बार फिर दिखा दिया है कि डिजिटल युग में तकनीक का गलत इस्तेमाल किस हद तक गिर सकता है। खिलाड़ी की जीत के जश्न के बजाय उनकी एआई-तैयार की गई फर्जी तस्वीरें और आपत्तिजनक कंटेंट ऑनलाइन फैलाए जाने लगे। सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट्स के जरिए उन्हें परेशान किया गया। हालांकि, इन तमाम बाधाओं से हार मानने के बजाय किया बनर्जी ने खुद कमान संभाली और एक नया अकाउंट बनाकर अपनी सही कहानी लोगों के सामने रखी, ताकि उनकी मेहनत को इन फर्जी चीजों के पीछे छिपने न दिया जाए।
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स्वतंत्र भारद्वाज के पॉडकास्ट बयान पर घमासान, दिल्ली पुलिस ने दी सफाई🔍 फ़ैक्ट चेकVerified Publisher

स्वतंत्र भारद्वाज के पॉडकास्ट बयान पर घमासान, दिल्ली पुलिस ने दी सफाई

❌ वायरल दावा:
स्वतंत्र भारद्वाज के पॉडकास्ट बयान पर घमासान, दिल्ली पुलिस ने दी सफाई
✅ पड़ताल का सच:
📌 मुख्य बातें: • स्वतंत्र भारद्वाज के पॉडकास्ट बयान के बाद सोशल मीडिया पर मामला गरमाया। • दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक रूप से बयान जारी कर दावों का खंडन किया। • पुलिस के अनुसार घायल संजय को सामान्य प्रकृति की चोट आई थी। स्वतंत्र भारद्वाज के एक पॉडकास्ट में दिए गए बयानों के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने स्थिति साफ करते हुए खंडन जारी किया है और इसे लेकर प्रशासनिक स्तर पर बयान सामने आया है। डीसीपी नई दिल्ली के आधिकारिक एक्स हैंडल से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शनकारी संजय के सिर पर कड़े से चोट लगी थी जिसे पुलिस ने सामान्य प्रकृति की चोट बताया है। पुलिस ने सिर फटने जैसी बातों का पूरी तरह से खंडन किया है। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों का यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब सोशल मीडिया पर विभिन्न दावे किए जा रहे थे। इस पूरी घटना के बाद से कानून व्यवस्था और बयानों के आधार पर पुलिस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया दर्ज कराई गई है।
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स्वतंत्र भारद्वाज मामले में निशु आजाद और संजय आजाद का पुराना वीडियो वायरल🔍 फ़ैक्ट चेकVerified Publisher

स्वतंत्र भारद्वाज मामले में निशु आजाद और संजय आजाद का पुराना वीडियो वायरल

❌ वायरल दावा:
स्वतंत्र भारद्वाज मामले में निशु आजाद और संजय आजाद का पुराना वीडियो वायरल
✅ पड़ताल का सच:
📌 मुख्य बातें: - स्वतंत्र भारद्वाज के मामले में निशु आजाद और संजय आजाद का पुराना वीडियो सामने आया है। - वीडियो में पुलिस के आने में देरी होने पर हिंसा की धमकी जैसी भाषा का प्रयोग किया गया है। - सोशल मीडिया पर इस वीडियो के वायरल होने के बाद बहस तेज हो गई है। स्वतंत्र भारद्वाज के पकड़े जाने के बाद से ही सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी बीच निशु आजाद और उनके पिता संजय आजाद का एक पुराना वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वे काफी आक्रामक अंदाज में बात करते हुए दिखाई दे रहे हैं। उनका दावा है कि अगर पुलिस मौके पर 2 मिनट और देरी से पहुँचती, तो स्थिति कुछ और होती। यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है जब कानून-व्यवस्था और व्यक्तिगत विवादों को लेकर समाज में चर्चा चल रही है। किसी भी विवाद में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना न केवल चिंताजनक है, बल्कि यह कानून के शासन पर भी सवाल खड़े करता है। सिस्टम की जिम्मेदारी है कि वह ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच करे और किसी भी प्रकार की हिंसा को बढ़ावा देने वाली बातों पर सख्ती से संज्ञान ले।
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प्रीति गांधी: गोडसे की 'बड़ी प्रशंसक' अब BJP सोशल मीडिया सेल की कमान संभाल रही हैं🔍 फ़ैक्ट चेकAlt News Hindi

प्रीति गांधी: गोडसे की 'बड़ी प्रशंसक' अब BJP सोशल मीडिया सेल की कमान संभाल रही हैं

❌ वायरल दावा:
प्रीति गांधी: गोडसे की 'बड़ी प्रशंसक' अब BJP सोशल मीडिया सेल की कमान संभाल रही हैं
✅ पड़ताल का सच:
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 17 अगस्त को अपनी नई नेशनल सोशल मीडिया टीम का ऐलान किया और अमित मालवीय की जगह दीपक म्हास्के को IT सेल का इंचार्ज बनाया. पार्टी ने चार नए सोशल मीडिया को-कन्वीनर — प्रीति गांधी, शिवानंद द्विवेदी, आलोक भट्ट और अरुण यादव को नियुक्त किए. ऑल्ट न्यूज़ ने पहले रिपोर्ट
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पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त को लेकर वायरल दावे की सच्चाई🔍 फ़ैक्ट चेकVerified Publisher

पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त को लेकर वायरल दावे की सच्चाई

❌ वायरल दावा:
पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त को लेकर वायरल दावे की सच्चाई
✅ पड़ताल का सच:
📌 मुख्य बातें: • पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त के नाम पर सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है। • सरकार ने 4,000 रुपये की किसी भी अतिरिक्त किस्त का ऐलान नहीं किया है। • किसानों को अपनी निजी जानकारी साझा करने से बचने की सलाह दी गई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना देश के करोड़ों किसानों के लिए एक बड़ी आर्थिक सहायता है। हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक दावा वायरल हुआ, जिसमें कहा गया कि सरकार अब 24वीं किस्त के तहत 4,000 रुपये की राशि सीधे किसानों के खातों में भेज रही है। इस तरह के दावे अक्सर किसानों को गुमराह करने और उनकी निजी जानकारी चुराने के उद्देश्य से फैलाए जाते हैं। सिस्टम की सुस्ती और जागरूकता की कमी का फायदा उठाकर साइबर अपराधी अक्सर ऐसी फर्जी खबरें फैलाते हैं। आधिकारिक तौर पर ऐसी कोई घोषणा नहीं हुई है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी लुभावने संदेश पर क्लिक न करें। किसी भी प्रकार की आधिकारिक अपडेट के लिए केवल सरकारी पोर्टल या अपने नजदीकी कृषि कार्यालय से ही संपर्क करें।
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पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त और 4000 रुपये के दावे की सच्चाई🔍 फ़ैक्ट चेकVerified Publisher

पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त और 4000 रुपये के दावे की सच्चाई

❌ वायरल दावा:
पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त और 4000 रुपये के दावे की सच्चाई
✅ पड़ताल का सच:
📌 मुख्य बातें: - पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त के नाम पर सोशल मीडिया पर भ्रामक दावा वायरल हो रहा है। - सरकार ने 4,000 रुपये की किसी भी नई किस्त की घोषणा नहीं की है। - किसानों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक वेबसाइट के अलावा किसी अन्य लिंक पर क्लिक न करें। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना देश के करोड़ों किसानों के लिए एक बड़ी आर्थिक सहायता है। हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह दावा किया गया कि सरकार अब 24वीं किस्त के तौर पर किसानों के खाते में 4,000 रुपये भेज रही है। इस तरह के संदेश अक्सर किसानों को लुभाने और उनकी निजी जानकारी चुराने के लिए फैलाए जाते हैं। सिस्टम की सुस्ती और जागरूकता की कमी का फायदा उठाकर साइबर अपराधी अक्सर ऐसी फर्जी खबरें फैलाते हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजना से जुड़ी कोई भी जानकारी केवल आधिकारिक पोर्टल पर ही जारी की जाती है। किसी भी अनधिकृत लिंक पर आधार या बैंक विवरण साझा करना आपके लिए बड़ा वित्तीय जोखिम पैदा कर सकता है।
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पीएम मोदी पर विवादित बयान देने वाली इंफ्लुएंसर ने दी सफाई, कही यह बात🔍 फ़ैक्ट चेकVerified Publisher

पीएम मोदी पर विवादित बयान देने वाली इंफ्लुएंसर ने दी सफाई, कही यह बात

❌ वायरल दावा:
पीएम मोदी पर विवादित बयान देने वाली इंफ्लुएंसर ने दी सफाई, कही यह बात
✅ पड़ताल का सच:
📌 मुख्य बातें: • इंफ्लुएंसर ने पीएम मोदी पर दिए बयान को लेकर सफाई दी है। • उनका कहना है कि वह केवल बोर्ड पर लिखा हुआ कंटेंट पढ़ रही थीं। • उन्होंने लोगों पर नकारात्मक नैरेटिव बनाने का आरोप लगाया है। सोशल मीडिया के दौर में किसी भी कंटेंट का वायरल होना बेहद आसान है, लेकिन कई बार ये वायरल वीडियो विवादों को जन्म दे देते हैं। हाल ही में एक इंफ्लुएंसर का वीडियो चर्चा का विषय बना, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी पर लोगों ने नाराजगी जताई। मामला तूल पकड़ता देख इंफ्लुएंसर ने अपनी सफाई में कहा कि वह केवल एक स्क्रिप्ट या बोर्ड पर लिखे शब्दों को पढ़ रही थीं, जो उन्हें दिया गया था। इस घटना ने डिजिटल कंटेंट क्रिएशन और जिम्मेदारी के बीच के बारीक अंतर को फिर से उजागर कर दिया है। अक्सर इंफ्लुएंसर्स बिना सोचे-समझे या बिना तथ्यों की जांच किए स्क्रिप्ट पढ़ लेते हैं, जिसका खामियाजा उन्हें बाद में भुगतना पड़ता है। यह मामला इस बात की याद दिलाता है कि सार्वजनिक मंचों पर शब्दों का चयन और जिम्मेदारी का निर्वहन कितना महत्वपूर्ण है।
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Fact Check: पानी में बह रहे शख्स के बचाव का वायरल वीडियो नेपाल का नहीं, मेक्सिको का है🔍 फ़ैक्ट चेकVishvas News

Fact Check: पानी में बह रहे शख्स के बचाव का वायरल वीडियो नेपाल का नहीं, मेक्सिको का है

❌ वायरल दावा:
पानी में बह रहे शख्स के बचाव का वायरल वीडियो नेपाल का नहीं, मेक्सिको का है
✅ पड़ताल का सच:
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। नेपाल में 26 अगस्त 2026 को आई भीषण बाढ़ के कारण मची तबाही के बाद राहत और बचाव का कार्य जारी है। इसी से जोड़कर पानी में बहकर जाते एक शख्स को बचाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो The post Fact Check: पानी में बह रहे शख्स के बचाव का वायरल वीडियो न
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Fact Check: पवन खेड़ा ने शंकराचार्य के खिलाफ नहीं, भाजपा के खिलाफ द‍िया था विवादित बयान🔍 फ़ैक्ट चेकVishvas News

Fact Check: पवन खेड़ा ने शंकराचार्य के खिलाफ नहीं, भाजपा के खिलाफ द‍िया था विवादित बयान

❌ वायरल दावा:
पवन खेड़ा ने शंकराचार्य के खिलाफ नहीं, भाजपा के खिलाफ द‍िया था विवादित बयान
✅ पड़ताल का सच:
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी शेयर हो रहा है। इस वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है क‍ि कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और प्रवक्ता पवन खेड़ा ने ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया है। पोस्ट में मौजूद The po
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भारत में 2800 से ज्यादा राजनीतिक पार्टियां, चुनाव आयोग ने दी है सीमित मान्यता🔍 फ़ैक्ट चेकVerified Publisher

भारत में 2800 से ज्यादा राजनीतिक पार्टियां, चुनाव आयोग ने दी है सीमित मान्यता

❌ वायरल दावा:
भारत में 2800 से ज्यादा राजनीतिक पार्टियां, चुनाव आयोग ने दी है सीमित मान्यता
✅ पड़ताल का सच:
📌 मुख्य बातें: - भारत में कुल राजनीतिक पार्टियों की संख्या 2,800 से ज़्यादा है। - इनमें से केवल 73 पार्टियों को चुनाव आयोग से राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय मान्यता मिली है। - अधिकांश दल बहुत कम चुनाव लड़ते हैं लेकिन उन्हें भारी मात्रा में चंदा मिलता है। बीबीसी की एक हालिया पड़ताल में यह बात सामने आई है कि भारतीय लोकतंत्र में काग़ज़ी पार्टियों का जाल किस तरह फैला हुआ है। देश में हज़ारों की संख्या में राजनीतिक दल रजिस्टर्ड हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर चुनावी समर में उतरने वाले दलों की संख्या बहुत सीमित है। चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक राष्ट्रीय या राज्य स्तर की मान्यता पाने के लिए पार्टियों को एक तय वोट शेयर और प्रदर्शन का पैमाना पूरा करना होता है। लेकिन जिन पार्टियों को यह मान्यता नहीं मिलती, वे भी चंदा जुटाने और अन्य गतिविधियों में शामिल रहती हैं। इस व्यवस्था पर अब और अधिक पारदर्शिता की मांग उठ रही है।
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NEET-PG Paper Leaked In Jaipur? Video Shared With False Claim🔍 फ़ैक्ट चेकNewschecker

NEET-PG Paper Leaked In Jaipur? Video Shared With False Claim

❌ वायरल दावा:
NEET-PG Paper Leaked In Jaipur? Video Shared With False Claim
✅ पड़ताल का सच:
The claim that the viral video shows NEET-PG aspirants protesting over a paper leak in Jaipur is false.
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टीम इंडिया का चीफ सेलेक्टर बनने के लिए क्या योग्यताएं और नियम चाहिए?🔍 फ़ैक्ट चेकVerified Publisher

टीम इंडिया का चीफ सेलेक्टर बनने के लिए क्या योग्यताएं और नियम चाहिए?

❌ वायरल दावा:
टीम इंडिया का चीफ सेलेक्टर बनने के लिए क्या योग्यताएं और नियम चाहिए?
✅ पड़ताल का सच:
📌 मुख्य बातें: • टीम इंडिया का चीफ सेलेक्टर पद चर्चा में है क्योंकि अजीत अगरकर का कार्यकाल सितंबर में समाप्त हो रहा है। • चीफ सेलेक्टर बनने के लिए उम्मीदवार का सभी प्रारूपों से संन्यास लिए कम से कम 5 साल होना और न्यूनतम टेस्ट व प्रथम श्रेणी मैचों का अनुभव जरूरी है। • अब तक के इतिहास में 10 लोग यह पद संभाल चुके हैं, जिसमें चेतन शर्मा और शिव सुंदर दास का नाम भी शामिल है। टीम इंडिया का चीफ सेलेक्टर पद इस समय काफी चर्चा में बना हुआ है क्योंकि अजीत अगरकर का कार्यकाल सितंबर महीने में समाप्त हो रहा है। हाल ही में सोशल मीडिया पर यह दावा किया जाने लगा कि अगरकर को इस पद से बर्खास्त कर दिया गया है। हालांकि, बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने साफ किया है कि गुरुवार को हुई मीटिंग में अगरकर के भविष्य को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया और बीसीसीआई ने किसी भी बर्खास्तगी की पुष्टि नहीं की है। चूंकि 2027 वनडे वर्ल्ड कप में अब सिर्फ एक साल का वक्त बचा है, इसलिए चयनकर्ताओं की भूमिका बेहद अहम हो जाती है। क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के नियमों के मुताबिक, चीफ सेलेक्टर बनने के लिए कुछ कड़ी शर्तें पूरी करनी होती हैं। आवेदक को क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लिए कम से कम 5 साल हो चुके होने चाहिए। इसके अलावा, उसे कम से कम 7 टेस्ट मैच, 10 वनडे और 20 फर्स्ट-क्लास मैच या फिर कुल 30 फर्स्ट-क्लास मैचों का अनुभव होना अनिवार्य है। साथ ही, आवेदन करने वाला व्यक्ति बीसीसीआई की किसी भी कमेटी का कुल मिलाकर 5 साल तक सदस्य नहीं रहा हो। इतिहास में अब तक कुल 10 लोग यह जिम्मेदारी संभाल चुके हैं, जिसमें चेतन शर्मा 2022-23 तक मुख्य चयनकर्ता रहे थे। अजीत अगरकर ने अक्टूबर 2013 में क्रिकेट से संन्यास लिया था और उन्हें 2023 में टीम इंडिया का चीफ सेलेक्टर चुना गया था, यानी तब तक उनके रिटायरमेंट को 10 साल पूरे हो चुके थे। अपने शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर में अगरकर ने 191 वनडे में 288 विकेट, 26 टेस्ट में 58 विकेट और 4 टी20 मैचों में 3 विकेट हासिल किए थे। फिलहाल बीसीसीआई ने उनके कार्यकाल को लेकर आधिकारिक तौर पर स्थिति स्पष्ट नहीं की है, जिससे उनका भविष्य अभी भी अधर में लटका हुआ नजर आ रहा है।
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ऑल्ट न्यूज़ इम्पैक्ट: मेटा ने CJP प्रदर्शनकारी महिलाओं की AI तस्वीरें/वीडियोज़ हटाए🔍 फ़ैक्ट चेकAlt News Hindi

ऑल्ट न्यूज़ इम्पैक्ट: मेटा ने CJP प्रदर्शनकारी महिलाओं की AI तस्वीरें/वीडियोज़ हटाए

❌ वायरल दावा:
ऑल्ट न्यूज़ इम्पैक्ट: मेटा ने CJP प्रदर्शनकारी महिलाओं की AI तस्वीरें/वीडियोज़ हटाए
✅ पड़ताल का सच:
मेटा ने जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े उन इंस्टाग्राम और फेसबुक अकाउंट्स और कंटेंट को हटा दिया है, जिन्हें ऑल्ट न्यूज़ ने AI-manipulated विजुअल के रूप में चिन्हित कर मेटा के सामने रखा था. मेटा के एक प्रवक्ता ने ऑल्ट न्यूज़ को बताया कि समीक्षा के बाद उनकी नीतियों का उल्लंघन करने वाले अकाउंट्स और कंटेंट
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Fact Check: हिसार में महिला को लात मारते पुलिसकर्मी की AI तस्वीर वायरल🔍 फ़ैक्ट चेकVishvas News

Fact Check: हिसार में महिला को लात मारते पुलिसकर्मी की AI तस्वीर वायरल

❌ वायरल दावा:
हिसार में महिला को लात मारते पुलिसकर्मी की AI तस्वीर वायरल
✅ पड़ताल का सच:
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। हरियाणा में कई दिनों से चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रहा है। इसमें एक पुलिसकर्मी को एक मह‍िला को लात मारते हुए द‍िखाया गया है। इस तस्वीर को सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। The post Fact Check: हिसार में महिला
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Fact Check: नेपाल में आई बाढ़ में स्कूल के तबाह होने और बच्चे को बचाते कुत्ते का वीडियो AI जनरेटेड है🔍 फ़ैक्ट चेकVishvas News

Fact Check: नेपाल में आई बाढ़ में स्कूल के तबाह होने और बच्चे को बचाते कुत्ते का वीडियो AI जनरेटेड है

❌ वायरल दावा:
नेपाल में आई बाढ़ में स्कूल के तबाह होने और बच्चे को बचाते कुत्ते का वीडियो AI जनरेटेड है
✅ पड़ताल का सच:
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। नेपाल में 26 अगस्‍त 2026 को आए फ्लैश फ्लड के बाद वहां भारी तबाही मच गई थी। इसी से जोड़कर सोशल मीडिया पर दो वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। पहले वीडियो में एक कुत्ते को पानी में बह रहे बच्चों को बचाते हुए देखा The post Fact Check: नेपाल में आई बाढ़ में स्कूल के तबाह
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Fact Check: UGC के नए नियमों के विरोध का नहीं है वीडियो, BJP नेता के स्वागत में भिड़े थे दो गुट🔍 फ़ैक्ट चेकVishvas News

Fact Check: UGC के नए नियमों के विरोध का नहीं है वीडियो, BJP नेता के स्वागत में भिड़े थे दो गुट

❌ वायरल दावा:
UGC के नए नियमों के विरोध का नहीं है वीडियो, BJP नेता के स्वागत में भिड़े थे दो गुट
✅ पड़ताल का सच:
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) के नए नियमों (फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने इन पर रोक लगाई हुई है) और जातिगत आरक्षण के विरोध में देश के कुछ हिस्सों में प्रदर्शन हुए हैं। इससे जोड़कर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें भारतीय जनता पार्टी The post Fact Check: UGC क
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BJP का हिंसक मीम्स् वॉर: विरोधियों, असहमति रखने वालों को 'दिमागी नक्सल' बताकर आक्रामक हमले🔍 फ़ैक्ट चेकAlt News Hindi

BJP का हिंसक मीम्स् वॉर: विरोधियों, असहमति रखने वालों को 'दिमागी नक्सल' बताकर आक्रामक हमले

❌ वायरल दावा:
BJP का हिंसक मीम्स् वॉर: विरोधियों, असहमति रखने वालों को 'दिमागी नक्सल' बताकर आक्रामक हमले
✅ पड़ताल का सच:
भारतीय जनता पार्टी के डिजिटल विंग में परिवर्तन होते ही हिंसक मीम्स और वीडियो के जरिए सोशल मीडिया पर पहले से और आक्रामक प्रचार किया जाने लगा है. 27 अगस्त को भाजपा कर्नाटक ने फिल्म 'KGF: चैप्टर 2' की एक क्लिप मीम के रूप में शेयर की. इसमें हीरो, विरोधियों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाता है. मीम
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Old Video Falsely Shared As 41 Nepalis Converting To Islam After Flash Floods🔍 फ़ैक्ट चेकNewschecker

Old Video Falsely Shared As 41 Nepalis Converting To Islam After Flash Floods

❌ वायरल दावा:
Old Video Falsely Shared As 41 Nepalis Converting To Islam After Flash Floods
✅ पड़ताल का सच:
The viral video is old and unrelated to the August 2026 Nepal floods. It has been online since at least June 2023, more than three years before the disaster.
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Fact Check: बांग्लादेश के कारोबारी विवाद के वीडियो को सांप्रदायिक दावे से किया जा रहा वायरल🔍 फ़ैक्ट चेकVishvas News

Fact Check: बांग्लादेश के कारोबारी विवाद के वीडियो को सांप्रदायिक दावे से किया जा रहा वायरल

❌ वायरल दावा:
बांग्लादेश के कारोबारी विवाद के वीडियो को सांप्रदायिक दावे से किया जा रहा वायरल
✅ पड़ताल का सच:
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। एक महिला के साथ बदसलूकी और मारपीट करती भीड़ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो को सांप्रदायिक रंग देकर शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि यह बांग्लादेश में हुई घटना का है, जहां एक हिंदू The post Fact Check: बांग्लादेश के कारोबारी विवाद के वीडि
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आनंदबाज़ार पत्रिका कार्यालय की दीवारों को भगवा करने वाले समूह की अगुवाई BJP के लोगों ने की🔍 फ़ैक्ट चेकAlt News Hindi

आनंदबाज़ार पत्रिका कार्यालय की दीवारों को भगवा करने वाले समूह की अगुवाई BJP के लोगों ने की

❌ वायरल दावा:
आनंदबाज़ार पत्रिका कार्यालय की दीवारों को भगवा करने वाले समूह की अगुवाई BJP के लोगों ने की
✅ पड़ताल का सच:
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 1 सितंबर को कोलकाता में आनंदबाज़ार पत्रिका (ABP) के ऑफ़िस में हुई गुंडागर्दी से खुद को अलग कर लिया है. राज्य के प्रवक्ता देबजीत सरकार ने कहा कि इस घटना में BJP शामिल नहीं थी और "भगवा रंग पहनना कोई राजनीतिक पहचान नहीं हो सकती." उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता
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Has Ruchika Singh, Earlier Booked For Using Foul Language Against PM Modi During CJP Stir, Been Arrested?🔍 फ़ैक्ट चेकNewschecker

Has Ruchika Singh, Earlier Booked For Using Foul Language Against PM Modi During CJP Stir, Been Arrested?

❌ वायरल दावा:
Has Ruchika Singh, Earlier Booked For Using Foul Language Against PM Modi During CJP Stir, Been Arrested?
✅ पड़ताल का सच:
The viral claim that Ruchika Singh has been arrested or taken into police custody is misleading. While an FIR was filed against her in July 2026, the complaint was subsequently withdrawn and the case was confirmed closed by advocate Smriti Singh.
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Fact Check: नेपाल-तिब्बत बाढ़ का स्रोत बताकर अलास्का के ग्लेशियर का वीडियो हो रहा वायरल🔍 फ़ैक्ट चेकVishvas News

Fact Check: नेपाल-तिब्बत बाढ़ का स्रोत बताकर अलास्का के ग्लेशियर का वीडियो हो रहा वायरल

❌ वायरल दावा:
नेपाल-तिब्बत बाढ़ का स्रोत बताकर अलास्का के ग्लेशियर का वीडियो हो रहा वायरल
✅ पड़ताल का सच:
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। नेपाल में 26 अगस्‍त 2026 को आई भीषण बाढ़ का कारण नेपाल-तिब्बत सीमा पर हुए हिमस्खलन को माना जा रहा है। इससे जोड़कर एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें एक ग्लेशियर से तेजी से बहते पानी को देखा जा सकता है। इस The post Fact Check: नेपाल-तिब्बत बाढ़ का स्रोत
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Fact Check: छपरा स्‍टेशन पर जलभराव का वायरल वीड‍ियो AI न‍िर्म‍ित, नेपाल का नहीं है शख्‍स को बचाते हुए हाथी का वीड‍ियो🔍 फ़ैक्ट चेकVishvas News

Fact Check: छपरा स्‍टेशन पर जलभराव का वायरल वीड‍ियो AI न‍िर्म‍ित, नेपाल का नहीं है शख्‍स को बचाते हुए हाथी का वीड‍ियो

❌ वायरल दावा:
छपरा स्‍टेशन पर जलभराव का वायरल वीड‍ियो AI न‍िर्म‍ित, नेपाल का नहीं है शख्‍स को बचाते हुए हाथी का वीड‍ियो
✅ पड़ताल का सच:
नई द‍िल्‍ली (विश्वास न्‍यूज)। ब‍िहार के छपरा जंक्‍शन के नाम पर एक वीड‍ियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इसमें स्‍टेशन को पानी में डूबा हुआ द‍िखाया गया है। इस वीड‍ियो को सच मानकर कई सोशल मीडि‍या यूजर्स शेयर कर रहे हैं। वहीं
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Fact Check: नेपाल बाढ़ में फंसी बच्ची और बंदर के बचाव का वीडियो AI निर्मित🔍 फ़ैक्ट चेकVishvas News

Fact Check: नेपाल बाढ़ में फंसी बच्ची और बंदर के बचाव का वीडियो AI निर्मित

❌ वायरल दावा:
नेपाल बाढ़ में फंसी बच्ची और बंदर के बचाव का वीडियो AI निर्मित
✅ पड़ताल का सच:
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। नेपाल में 26 अगस्त 2026 को अचानक आई भीषण बाढ़ के कारण काफी नुकसान हुआ है। इसी से जोड़कर दो वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। पहले वीडियो में दिख रहा है कि एक बंदर बाढ़ में फंसा है और कुछ लोग The post Fact Check: नेपाल बाढ़ में फंसी बच्ची और बंदर के बचाव का वी
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Bag Filled With ₹500 Notes Found In Nepal After Floods? Video Viral With False Claim🔍 फ़ैक्ट चेकNewschecker

Bag Filled With ₹500 Notes Found In Nepal After Floods? Video Viral With False Claim

❌ वायरल दावा:
Bag Filled With ₹500 Notes Found In Nepal After Floods? Video Viral With False Claim
✅ पड़ताल का सच:
The viral video was shot in Vrindavan, Uttar Pradesh, and is unrelated to the Nepal floods.
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कोलकाता में भगवाधारियों ने आनंदबाज़ार पत्रिका के दफ़्तर का घेराव किया और दीवारों को भगवा रंग से पोत दिया🔍 फ़ैक्ट चेकAlt News Hindi

कोलकाता में भगवाधारियों ने आनंदबाज़ार पत्रिका के दफ़्तर का घेराव किया और दीवारों को भगवा रंग से पोत दिया

❌ वायरल दावा:
कोलकाता में भगवाधारियों ने आनंदबाज़ार पत्रिका के दफ़्तर का घेराव किया और दीवारों को भगवा रंग से पोत दिया
✅ पड़ताल का सच:
1 सितंबर को भगवा कपड़े पहने लोगों के एक समूह ने कोलकाता में आनंदबाज़ार पत्रिका (ABP) के ऑफ़िस की दीवारों को भगवा रंग से पोत दिया. ये घटना पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी द्वारा अख़बार से माफ़ी की मांग करने के कुछ दिनों बाद हुई. ज्ञात हो कि अधिकारी ने अख़बार द्वारा जाधवपुर यूनिवर्सिटी
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नेपाल में बाढ़ के बीच 17 करोड़ साल पुराना शालिग्राम मिला? भ्रामक दावे के साथ वीडियोज़ शेयर🔍 फ़ैक्ट चेकAlt News Hindi

नेपाल में बाढ़ के बीच 17 करोड़ साल पुराना शालिग्राम मिला? भ्रामक दावे के साथ वीडियोज़ शेयर

❌ वायरल दावा:
नेपाल में बाढ़ के बीच 17 करोड़ साल पुराना शालिग्राम मिला? भ्रामक दावे के साथ वीडियोज़ शेयर
✅ पड़ताल का सच:
26 अगस्त 2026 को नेपाल के कुछ हिस्सों में आई बाढ़ और भूस्खलन के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियोज़ वायरल हैं. ऐसा ही एक वीडियो शेयर करते हुए कुछ यूज़र्स दावा कर रहे हैं कि कि नेपाल में आई हालिया आपदा के बाद मुक्तिनाथ में 17 करोड़ साल से ज़्यादा पुराना और 30 टन
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Footage Of Robbery Falsely Shared As Showing Islamists Attacking Hindu Woman In Bangladesh🔍 फ़ैक्ट चेकNewschecker

Footage Of Robbery Falsely Shared As Showing Islamists Attacking Hindu Woman In Bangladesh

❌ वायरल दावा:
Footage Of Robbery Falsely Shared As Showing Islamists Attacking Hindu Woman In Bangladesh
✅ पड़ताल का सच:
The viral video does not show a Hindu woman being attacked by Islamists; it shows a daytime robbery involving a Muslim woman in Bangladesh.
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Scripted Video Shared As Real Incident Of Hindu Man Mistreating An Elderly Muslim🔍 फ़ैक्ट चेकNewschecker

Scripted Video Shared As Real Incident Of Hindu Man Mistreating An Elderly Muslim

❌ वायरल दावा:
Scripted Video Shared As Real Incident Of Hindu Man Mistreating An Elderly Muslim
✅ पड़ताल का सच:
The viral video is scripted and has been misleadingly shared as showing a Hindu man mistreating an elderly Muslim man.
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आशुतोष रांका के साथ वो शख्स नहीं था जिसने जंतर-मंतर पर नेपाल जैसी हिंसा की धमकी दी थी🔍 फ़ैक्ट चेकAlt News Hindi

आशुतोष रांका के साथ वो शख्स नहीं था जिसने जंतर-मंतर पर नेपाल जैसी हिंसा की धमकी दी थी

❌ वायरल दावा:
आशुतोष रांका के साथ वो शख्स नहीं था जिसने जंतर-मंतर पर नेपाल जैसी हिंसा की धमकी दी थी
✅ पड़ताल का सच:
राजस्थान में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं पर हुए हमलों के बाद, कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने दावा किया कि CJP कन्वीनर आशुतोष रांका के साथ वही व्यक्ति था, जिसे पहले दिल्ली में 20 जुलाई के विरोध प्रदर्शन के दौरान संसद को गिराने और नेपाल जैसी हिंसा भड़काने की बात करते हुए देखा गया
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Video From Bangladesh Shared As Woman Raped, Murdered In West Bengal🔍 फ़ैक्ट चेकNewschecker

Video From Bangladesh Shared As Woman Raped, Murdered In West Bengal

❌ वायरल दावा:
Video From Bangladesh Shared As Woman Raped, Murdered In West Bengal
✅ पड़ताल का सच:
The claim that the video shows a woman raped and murdered by BJP affiliates in West Bengal is false.
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Nepal Flash Floods: AI-Generated Videos of Devastation, Rescue Surface Online🔍 फ़ैक्ट चेकNewschecker

Nepal Flash Floods: AI-Generated Videos of Devastation, Rescue Surface Online

❌ वायरल दावा:
Nepal Flash Floods: AI-Generated Videos of Devastation, Rescue Surface Online
✅ पड़ताल का सच:
Our analysis found that all three viral videos being shared as visuals from Nepal flash floods are AI-generated.
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VHP, बजरंग दल ने अहमदाबाद में रीडिंग सेशन पर किया 'हमला'; मलाला, एनी फ्रैंक की किताबें फाड़ीं

❌ वायरल दावा:
VHP, बजरंग दल ने अहमदाबाद में रीडिंग सेशन पर किया 'हमला'; मलाला, एनी फ्रैंक की किताबें फाड़ीं
✅ पड़ताल का सच:
बीते दिनों अहमदाबाद के एक स्कूल में "आई एम मलाला" और "द डायरी ऑफ़ अ यंग गर्ल" किताबें पढ़ाए जाने को लेकर विवाद हुआ था. किताबों के समर्थन में अहमदाबाद के वस्त्रापुर एरिया के औडा गार्डन में 27 अगस्त 2026 को शाम 4 बजे से 6 बजे तक शांतिपूर्वक रीडिंग सेशन आयोजित किया गया था.
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‘झारखंड के CM का इस्तीफ़ा नहीं जवाबदेही मांग रहे...’ अभिजीत दीपके का फ़ेक कोट वायरल🔍 फ़ैक्ट चेकAlt News Hindi

‘झारखंड के CM का इस्तीफ़ा नहीं जवाबदेही मांग रहे...’ अभिजीत दीपके का फ़ेक कोट वायरल

❌ वायरल दावा:
‘झारखंड के CM का इस्तीफ़ा नहीं जवाबदेही मांग रहे...’ अभिजीत दीपके का फ़ेक कोट वायरल
✅ पड़ताल का सच:
सोशल मीडिया पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके का एक कथित बयान वायरल हो रहा है. इस वायरल पोस्ट में दीपके के हवाले से कहा गया है, "हम (झारखंड के) सीएम से इस्तीफ़ा नहीं, जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, ताकि आगे पेपर में ऐसी गड़बड़ी न हो." ये कथित बयान 14
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आम आदमी पार्टी को ₹2611 दान करने का संदर्भ मुंबई आतंकी हमले से नहीं है🔍 फ़ैक्ट चेकAlt News Hindi

आम आदमी पार्टी को ₹2611 दान करने का संदर्भ मुंबई आतंकी हमले से नहीं है

❌ वायरल दावा:
आम आदमी पार्टी को ₹2611 दान करने का संदर्भ मुंबई आतंकी हमले से नहीं है
✅ पड़ताल का सच:
सोशल मीडिया पर 'AAP Donation List' नामक एक एक्स अकाउंट का 27 नवंबर 2014 का एक पुराना पोस्ट वायरल है. इस पोस्ट के मुताबिक, दिल्ली के सौरभ दास नामक व्यक्ति ने आम आदमी पार्टी को ₹2611 रुपया दान किया. इस पोस्ट को शेयर करते हुए भाजपा समर्थक दावा कर रहे हैं कि ये दान पत्रकार
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Viral video misquotes doctor guidelines to claim high blood sugar levels are no longer considered diabetes🔍 फ़ैक्ट चेकFactly Verified

Viral video misquotes doctor guidelines to claim high blood sugar levels are no longer considered diabetes

❌ वायरल दावा:
Viral video misquotes doctor guidelines to claim high blood sugar levels are no longer considered diabetes
✅ पड़ताल का सच:
A video (here & here) circulating widely on social media claims that, according to 2018 guidelines from the American College of Physicians (ACP), an HbA1c level of 8.4% does not mean a person has diabetes. The video also asserts that a post-prandial (after-meal) blood glucose level of up to 250 mg/d
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India's passport ranking has not declined from 76th in 2014 to 125th in 2026; the viral post is misleading🔍 फ़ैक्ट चेकFactly Verified

India's passport ranking has not declined from 76th in 2014 to 125th in 2026; the viral post is misleading

❌ वायरल दावा:
India's passport ranking has not declined from 76th in 2014 to 125th in 2026; the viral post is misleading
✅ पड़ताल का सच:
A post claiming that India's passport ranking declined from 76th in 2014 to 125th in 2026 after Narendra Modi became Prime Minister of India is being widely circulated on social media platforms (here, here, and here). Through this article, let us fact-check the claim made in the post. Claim: India's
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No, Gold Worth ₹1.28 lakh crore has not gone missing from India’s treasury🔍 फ़ैक्ट चेकFactly Verified

No, Gold Worth ₹1.28 lakh crore has not gone missing from India’s treasury

❌ वायरल दावा:
No, Gold Worth ₹1.28 lakh crore has not gone missing from India’s treasury
✅ पड़ताल का सच:
A post featuring an article published by Punjab Kesari with the headline: “RBI Gold Reserve Data: Gold worth ₹1.28 lakh crore missing from the country’s treasury! RBI data causes panic” is being shared on social media (here, here, here). Let’s verify the accuracy of this claim made in the post. Clai
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భారత సుప్రీంకోర్టు పెన్షన్ కమ్యుటేషన్ రికవరీ వ్యవధిని తగ్గించలేదు🔍 फ़ैक्ट चेकFactly Verified

భారత సుప్రీంకోర్టు పెన్షన్ కమ్యుటేషన్ రికవరీ వ్యవధిని తగ్గించలేదు

❌ वायरल दावा:
భారత సుప్రీంకోర్టు పెన్షన్ కమ్యుటేషన్ రికవరీ వ్యవధిని తగ్గించలేదు
✅ पड़ताल का सच:
15 డిసెంబర్ 2025 నాటి ఒక అధికారిక గెజిట్ నోటిఫికేషన్ యొక్క గ్రాఫిక్‌ను కలిగి ఉన్న పోస్ట్‌ను (ఇక్కడ, ఇక్కడ) షేర్ చేస్తూ, సుప్రీం కోర్టు, సివిల్ రిట్ పిటిషన్ నంబర్ 2490, కేసు నంబర్ 8222/2024లో, కేంద్ర ప్రభుత్వ ఉద్యోగుల పెన్షన్ కమ్యుటేషన్ రికవరీ వ్యవధి ఇప్పుడు 15 సంవత్సరాలకు బదులుగా 10 సంవత్సరాల 8 నెలల
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The Supreme Court of India did not reduce the pension commutation recovery period🔍 फ़ैक्ट चेकFactly Verified

The Supreme Court of India did not reduce the pension commutation recovery period

❌ वायरल दावा:
The Supreme Court of India did not reduce the pension commutation recovery period
✅ पड़ताल का सच:
A post featuring a graphic of an official Gazzate notification dated 15 December 2025 is being shared (here, here, here) with the claim that “the Supreme Court, in a significant decision in Civil Writ Petition No. 2490 and Case No. 8222/2024, has directed that the recovery period for pension commuta
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భారత ప్రభుత్వం “2025 సీనియర్ స్కీం అప్డేట్” అనే పేరుతో ఎటువంటి సమగ్ర పథకాన్ని ఆమోదించలేదు🔍 फ़ैक्ट चेकFactly Verified

భారత ప్రభుత్వం “2025 సీనియర్ స్కీం అప్డేట్” అనే పేరుతో ఎటువంటి సమగ్ర పథకాన్ని ఆమోదించలేదు

❌ वायरल दावा:
భారత ప్రభుత్వం “2025 సీనియర్ స్కీం అప్డేట్” అనే పేరుతో ఎటువంటి సమగ్ర పథకాన్ని ఆమోదించలేదు
✅ पड़ताल का सच:
“భారత ప్రభుత్వం 21 నవంబర్ 2025న ప్రకటించిన '2025 సీనియర్ స్కీం అప్డేట్' వృద్ధులకు మరింత ఆర్థిక భద్రత, ఆరోగ్య సౌకర్యాలు, డిజిటల్ లిటరసీ, ప్రయాణ సబ్‌సిడీలు, నివాస భద్రత, హెల్ప్‌లైన్ సేవలు అందించడానికి రూపొందించిన సమగ్ర పథకం” అంటూ పలు ఉప స్కీములను ప్రస్తావిస్తూ సోషల్ మీడియాలో (ఇక్కడ, ఇక్కడ, ఇక్కడ) షేర్
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The National Lok Adalat scheduled for 13 December 2025 is not offering nationwide discounts on pending traffic challans🔍 फ़ैक्ट चेकFactly Verified

The National Lok Adalat scheduled for 13 December 2025 is not offering nationwide discounts on pending traffic challans

❌ वायरल दावा:
The National Lok Adalat scheduled for 13 December 2025 is not offering nationwide discounts on pending traffic challans
✅ पड़ताल का सच:
Several posts (here, here) on social media are going viral, claiming that a nationwide National Lok Adalat on 13 December 2025 will offer motorists a major opportunity to settle pending traffic challans with waivers ranging from 50% to 100%, depending on the state. The states said to be included are
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డిసెంబర్ 2025లో జరగనున్న లోక్ అదాలత్‌లలో పెండింగ్‌లో ఉన్న ట్రాఫిక్ చలాన్ల చెల్లింపుకు తెలంగాణ పోలీసులు ఎటువంటి రాయితీలు అందించడం లేదు🔍 फ़ैक्ट चेकFactly Verified

డిసెంబర్ 2025లో జరగనున్న లోక్ అదాలత్‌లలో పెండింగ్‌లో ఉన్న ట్రాఫిక్ చలాన్ల చెల్లింపుకు తెలంగాణ పోలీసులు ఎటువంటి రాయితీలు అందించడం లేదు

❌ वायरल दावा:
డిసెంబర్ 2025లో జరగనున్న లోక్ అదాలత్‌లలో పెండింగ్‌లో ఉన్న ట్రాఫిక్ చలాన్ల చెల్లింపుకు తెలంగాణ పోలీసులు ఎటువంటి రాయితీలు అందించడం లేదు
✅ पड़ताल का सच:
“పెండింగ్ ట్రాఫిక్ చలాన్లు ఉన్నవారికి సదావకాశం. డిసెంబర్ 13న జరిగే జాతీయ లోక్ అదాలత్‌లో పెండింగ్ చలాన్లు, పెనాల్టీలను సెటిల్ చేసుకోవడానికి అవకాశం కల్పించారు. అంతేకాకుండా 50 నుంచి 100 శాతం డిస్కౌంట్లు అందిస్తున్నారు. సీటు బెల్ట్ లేకపోవడం, సిగ్నల్ జంపింగ్ వంటి కేసులను లోక్ అదాలత్‌ సెటిల్ చేసుకోవచ్చు.
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2004లో మన్మోహన్ సింగ్ నేతృత్వంలోని UPA ప్రభుత్వం POTA చట్టాన్ని రద్దు చేసి, దాని స్థానంలో UAPA చట్టంలో మార్పులు చేసింది🔍 फ़ैक्ट चेकFactly Verified

2004లో మన్మోహన్ సింగ్ నేతృత్వంలోని UPA ప్రభుత్వం POTA చట్టాన్ని రద్దు చేసి, దాని స్థానంలో UAPA చట్టంలో మార్పులు చేసింది

❌ वायरल दावा:
2004లో మన్మోహన్ సింగ్ నేతృత్వంలోని UPA ప్రభుత్వం POTA చట్టాన్ని రద్దు చేసి, దాని స్థానంలో UAPA చట్టంలో మార్పులు చేసింది
✅ पड़ताल का सच:
“2002లో వాజ్‌పేయి ప్రభుత్వం ఉగ్రవాదాన్ని నిరోధించటానికి పోటా చట్టాన్ని తీసుకువచ్చింది. మన్మోహన్ అధికారంలోకి వచ్చిన వెంటనే కాంగ్రెస్ ప్రభుత్వం ఉగ్రవాదులను కాపాడటానికి పోటా చట్టాన్ని రద్దు చేసిందని ఎంతమందికి తెలుసు??” అని చెప్తూ ఉన్న పోస్ట్ ఒకటి సోషల్ మీడియాలో వైరల్ అవుతోంది (ఇక్కడ, ఇక్కడ, ఇక్కడ, ఇక్క
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The Prime Minister of India does not have any immunity from prosecution while in office🔍 फ़ैक्ट चेकFactly Verified

The Prime Minister of India does not have any immunity from prosecution while in office

❌ वायरल दावा:
The Prime Minister of India does not have any immunity from prosecution while in office
✅ पड़ताल का सच:
A video is going viral on social media claiming that the Prime Minister of India has special immunity from civil or criminal proceedings while in office. The video further alleges that this immunity against prosecution by any court was introduced during Indira Gandhi’s tenure as PM in 1975. Through
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